अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले का आरोपी प्रधानाचार्य गिरफ्तार
संतकबीरनगर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में सवा तीन करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी प्रधानाचार्य देवव्रत चौधरी को महुली क्षेत्र के तिलठा गांव से गिरफ्तार किया। जांच में 46 संदिग्ध शैक्षिक संस्थानों में चार हजार छात्रों की छात्रवृत्ति से संबंधित गड़बड़ी पाई गई है।

संतकबीरनगर, निज संवाददाता। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में करीब सवा तीन करोड़ रुपये के हुए घोटाला के मामले में एक आरोपी प्रधानाचार्य को पुलिस ने महुली क्षेत्र के तिलठा गांव से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।भारत सरकार की ओर से अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 और 2022-23 के जिले के 46 संदिग्ध शैक्षिक संस्थाओं के छात्र/छात्राओं की सूची तैयार कराई थी। शासन के निर्देश पर डीएम ने खंड शिक्षाधिकारियों की टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई। जांच में 46 शैक्षिक संस्था, विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिनमें करीब 4000 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति में करीब सवा तीन करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया।
उक्त विद्यालयों के पास अभिलेख नहीं था या फिर छात्रों की उपस्थिति नहीं दर्शा पाए। शासन के निर्देश पर पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्रा ने इन 46 शैक्षिक संस्थाओं, स्कूलों के हेड ऑफ इंस्टीच्यूट और इंस्टीच्यूट नोडल आफिसर समेत 92 लोगों के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज कराया था। विवेचक एसएसआई प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि औद्योगिक चौकी इंचार्ज धर्मनाथ यादव और कांस्टेबल सत्यम सिंह के सहयोग से आरोपी प्रधानाचार्य देवव्रत चौधरी पुत्र सर्वजीत निवासी तिलठा थाना महुली को तिलठा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी राम सुभग चौधरी सरजूदेई इंटर कॉलेज तिलठा, यशोदा देवी बालिका इंटर कॉलेज समेत तीन कॉलेज का प्रधानाचार्य है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेजा गया।


