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मोदी @3: मध्यम वर्ग को तीन सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन के तीसरे साल में गरीब और मध्यम वर्ग को तीन बड़ी सौगातें मिलीं। नोटबंदी के बाद खुदरा और थोक महंगाई दर बेहद निचले स्तर पर आ गई। फरवरी 2017 में बजट के दौरान शिक्षा-स्वास्थ्य पर मध्यम वर्ग के बढ़ते बोझ का ध्यान रखते हुए सरकार ने आयकर स्लैब में बड़ा बदलाव किया। वहीं बजट सत्र के दूसरे चरण में पारित जीएसटी बिल आम उपभोग की वस्तुओं को और सस्ता बनाएगा। सरकार ने 500 सेवाओं और करीब 1200 वस्तुओं के दाम तय कर दिए हैं। इसमें आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखा गया। वहीं लोगों को सस्ता आवास मुहैया कराने की दिशा में भी सरकार ने ठोस पहल की है।

10 लाख तक आय वालों को राहत
मोदी सरकार ने तीसरे साल में आयकर सीमा को लेकर मध्यम वर्ग की नाराजगी दूर की। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया। इससे सालाना तीन लाख रुपये तक आय वाले टैक्स से छूट दी गई। पहले यह सीमा ढाई लाख रुपये तक थी।

ढाई से पांच लाख रुपये तक सालाना आय वालों को भी राहत दी गई। उन्हें पहले कुल आय का 10 फीसदी बतौर टैक्स देना पड़ता था और अब इसे घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। इस फैसले की वजह से 5 लाख या उससे ज्यादा कमाई वालों को टैक्स में अधिकतम 12,500 रुपये के आसपास की छूट मिलेगी। टैक्स छूट देने से होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए 50 लाख से 1 करोड़ के बीच सालाना कमाने वाले को 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया। एक करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर 15 फीसदी का अधिभार जारी रखा। टैक्स घोषणा की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक पेज का फार्म लाया गया।

सस्ते मकानों की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 की रात अपना घर बनाने का सपना देख रहे मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात दी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कम ब्याज दरों पर आवास ऋण का ऐलान किया।

ग्रामीण क्षेत्रों में नया घर बनाने या घर के विस्तार के लिए 2017 में लिए गए 2 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज में 3% की छूट दी जाएगी। सरकार ने अप्रैल से घर निकालने के लिए पीएफ का 90 फीसदी पैसा निकालने की सुविधा भी दी। ईपीएफ अंशधारक मकान खरीदने या फिर मकान बनवाने और प्लॉट खरीदने के लिये अपनी राशि में से 90 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। 

बिल्डरों से जूझ रहे खरीदारों को हथियार मिला
रीयल एस्टेट कानून (रेरा) बिल्डरों की जवाबदेही तय करने के साथ खरीदारों का हथियार बना। इससे समय पर फ्लैट निर्माण पूरा करने को लेकर बिल्डर की जवाबदेही तय की गई। अभी तमाम बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट अटके हैं, जिससे खरीदारों मकानों का किराया भी दे रहे हैं और ईएमआई भी चुका रहे हैं। नए कानून के तहत,बिल्डर द्वारा खरीदारों पर मनमानी शर्तें थोपने पर रोक लगाई गई। बिल्डर निर्माण सामग्री का हवाला देकर मकान की कीमत नहीं बढ़ा सकेंगे।

जीएसटी लागू होने से घर का बजट कम होगा सरकार का दावा है कि जीएसटी के लागू होने से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी क्योंकि इससे उनके घर का बजट सस्ता हो जाएगा। जीएसटी में आम उपभोग की वस्तुओं पर कर की दरों को सबसे कम या शून्य श्रेणी में रखा गया, इसका फायदा उपभोक्ता को मिलेगा। वैट हटने से गेहूं, चावल समेत अन्य अनाज या खाद्य उत्पाद सस्ते होंगे। दूध, दही, फल-सब्जियां भी कर के दायरे से बाहर रहेंगी। इन चीजों के सस्ते होने से आम आदमी को लाभ मिलेगा। चीनी, चाय-कॉफी और खाद्य तेल के दाम भी नहीं बढ़ेंगे। हर आम आदमी के लिए अहम बिजली की दर भी घटेगी। सिनेमा और इकोनॉमी का हवाई टिकट काफी सस्ता होगा।

सुकन्या और उज्जवला योजना से तारीफ बटोरी
सरकार के तीन साल में बेटियों और महिलाओं सुखद-सुरक्षित भविष्य के लिए खास योजनाएं चलाईं। इसमें सुकन्या समृद्धि और मुफ्त गैस कनेक्शन की उज्जवला योजना को काफी तारीफ मिली।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
उज्जवला योजना में 5 करोड़ गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए जाने हैं। अब तक ढाई करोड़ से गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। मोदी सरकार की इस योजना ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाली महिलाओं ने हाथोंहाथ लिया।

हरियाणा-राजस्थान में लिंगानुपात सुधरा
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना लड़कों की संख्या में लड़कियों के जन्म के गिरते अनुपात को ध्यान में रखकर चलाई गई। 161 जिलों में योजना चल रही है। हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में इससे लिंगानुपात सुधरा है।

सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लड़कियों पूरी शिक्षा और 18 साल की होने पर शादी के खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित होती है। इसमें छोटे निवेश पर सरकार ज्यादा ब्याज देती है।

‘मुद्रा’ ने छोटे उद्यमियों की झोली भरी
इसके तहत 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का बैंकों से उधार देने की व्यवस्था है। मुद्रा के तहत 3.17 लाख करोड़ रुपये का ऋण बांटा जा चुका है। 2017 में ही 10 हजार करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।

ग्राम ज्योति योजना
25 जुलाई 2015 को शुरू योजना के तहत 2015 में 1000 दिनों में अंधेरे में रह रहे 18,500 गांवों के विद्युतीकरण का लक्ष्य तय किया गया था। 700 दिनों में देश के 13 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई गई है। अगले 300 दिनों यानी एक मई 2018 तक शेष गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है।

युवाओं के लिए स्टार्टअप इंडिया 
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को उद्यम और इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जनवरी 2016 में स्टार्टअप अभियान शुरू किया। अमेरिका और ब्रिटेन के बाद स्टार्टअप में भारत तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। 10 हजार करोड़ के फंड से शुरू स्टार्टअप इंडिया के लिए वित्तीय मदद और तीन साल टैक्स में छूट का प्रावधान है।
 

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  • Web Title:Prime Minister Narendra Modi, middle class, Modi government three years