DA Image
20 जनवरी, 2021|3:50|IST

अगली स्टोरी

चीन को विवादों में उलझाए रखा और खुद चल दी बड़ी चाल, 45 सालों में पार्टी का पहला चेयरमैन बनने की ओर जिनपिंग

chinese president xi jinping  file pic

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले कुछ महीनों से भारत समेत अपने अन्य पड़ोसी देशों के साथ लगातार उलझ रहे हैं। चीन का भारत से लद्दाख में सीमा विवाद चल रहा है तो वहीं, नेपाल और ताइवान से भी ड्रैगन के विवाद किसी से छिपे हुए नहीं हैं। लेकिन इन सबके बीच जिनपिंग खुद को चीन की कम्युनिष्ट पार्टी (सीपीसी) का चेयरमैन बनाने में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि इस महीने के आखिर में कम्युनिष्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी नए रेग्युलेशन को मंजूरी दे सकती है, जिससे राष्ट्रपति जिनपिंग पार्टी के शीर्ष पैनलों की बैठक के एजेंडे को निर्धारित करेंगे।

इस मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह शक्ति राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए खुद को एक बहुत बड़ा प्रोत्साहन देने वाली प्रतीत होती है, जो उन्हें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक पिता माओत्से तुंग के बराबर खड़ा कर देगी। माओ पार्टी के इतिहास के एकमात्र नेता हैं, जिन्हें चेयरमैन के तौर पर नामित किया गया था। नई दिल्ली में चीन पर नजर रखने वाले ने कहा, 'ऐसा मालूम चलता है कि जिनपिंग ने अपनी ताकत को और ऊपर बढ़ाने का फैसला किया है।'

अगर ऐसा ही होता है तो राष्ट्रपति जिनपिंग सीपीसी के पिछले 45 सालों में पहली बार चेयरमैन बनने वाले नेता होंगे। वहीं, माओ की तरह ही जिनपिंग पहले से ही पीएलए (चीनी सेना) के कमांडर इन चीफ और मिडिल किंग्डम के सर्वोपरि नेता के रूप में काबिज हैं। अक्टूबर 2017 में, जिनपिंग माओ के बाद इकलौता दूसरे नेता बने थे, जो पद पर रहते हुए पार्टी की एक समान विचारधारा वाले थे। वहीं, इस साल, उन्होंने शी जिनपिंग रिसर्च सेंटर फॉर डिप्लोमैटिक थॉट भी खोला था।

यह भी पढ़ें: LAC पर सेना जारी रखेगी सर्दियों के लिए तैयारियां, चीन के दोहरे रवैये से इंडियन आर्मी सतर्क

राष्ट्रपति शी वर्षों से चीन की राजनीति और सशस्त्र बलों पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए जमीन पर काम कर रहे थे।वहीं, 2016 में एक विश्लेषण के अनुसार, पीएलए में जिनपिंग ने अपने करीबियों और निष्ठावान को तेजी से प्रमोशन दिए ताकि पीएलए का समर्पण उनकी ओर हो, ना कि पार्टी की ओर। इस महीने की शुरुआत में शी जिनपिंग ने उप राष्ट्रपति वांग किशन को निशाना बनाना जारी रखा और उनके करीबी सहयोगी डॉन्ग-हॉन्ग को जांच के घेरे में ला दिया। 

चीनी सरकार की मीडिया में प्रकाशित हुए लेखों के अनुसार, डॉन्ग उप राष्ट्रपति वांग के साथ 1990 से करीब से काम कर रहे थे। डॉन्ग हॉन्ग 2 अक्टूबर को अपने हाईस्कूल के दोस्त और पूर्व पार्टी सदस्य रेन झिकियांग को 18 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद वांग के दूसरे करीबी सहयोगी थे। रियल स्टेट ग्रुप हुआयुआन के पूर्व चेयरमैन रेन को 112 मिलियन युआन ($ 16.5 मिलियन) के अवैध लाभ का दोषी पाया गया था। वहीं, उन्होंने मार्च महीने में शी जिनपिंग को 'जोकर' तक कहा था।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:President Xi Jinping aims to be China s 1st party chairman in 45 yrs