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हिंदी न्यूज़ देशद्रौपदी मुर्मू का विरोध ठीक नहीं, कांग्रेस नेता की पार्टी को सलाह; याद दिलाया इतिहास

द्रौपदी मुर्मू का विरोध ठीक नहीं, कांग्रेस नेता की पार्टी को सलाह; याद दिलाया इतिहास

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट कर कांग्रेस को उसका इतिहास याद दिलाते हुए कहा है कि उसे द्रौपदी मुर्मू के विरोध पर पुनर्विचार करना चाहिए। अब तक इस पर कांग्रेस का रिएक्शन सामने नहीं आया है।

द्रौपदी मुर्मू का विरोध ठीक नहीं, कांग्रेस नेता की पार्टी को सलाह; याद दिलाया इतिहास
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 14 Jul 2022 04:57 PM

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विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति के उम्मीदवार बनाए गए यशवंत सिन्हा का समर्थन वापस लेने की अपील कांग्रेस के सीनियर नेता ने पार्टी से की है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट कर कांग्रेस को उसका इतिहास याद दिलाते हुए कहा है कि उसे द्रौपदी मुर्मू के विरोध पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट किया,' पं. मोतीलाल नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस हमेशा शोषित वंचित और आदिवासियों के साथ खड़ी रही है। राष्ट्रपति चुनाव में एक आदिवासी महिला उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू का विरोध करना मेरे विचार से बिलकुल उचित नहीं है। पार्टी हाई कमान को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

यही नहीं मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने यशवंत सिन्हा से मुलाकात की जो तस्वीरें ट्वीट की थीं, उन्हें रीट्वीट करते हुए भी प्रमोद कृष्णम ने चुभने वाला ट्वीट किया था। प्रमोद कृष्णम ने लिखा था,  'ये  नौबत आ गई अब, किसी कांग्रेसी को ही लड़ा देते।' प्रमोद कृष्णम के ट्वीट पर अब तक किसी कांग्रेस नेता का रिएक्शन नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस पर उन्हें तीखा हमला झेलना पड़ सकता है। इससे पहले कन्हैयालाल हत्याकांड में भी उन्होंने राजस्थान की पुलिस पर सवाल उठा दिए थे। अपनी ही सरकार को घेरने पर उन्हें कांग्रेस नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव का गणित पूरी तरह से भाजपा समर्थित उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में जाता दिख रहा है। अब तक भाजपा की सहयोगी जेडीयू के अलावा अकाली दल, तेलगु देशम पार्टी, जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस, मायावती की पार्टी बीएसपी, शिवसेना, बीजेडी जैसे दलों ने समर्थन किया है। इन दलों के चलते द्रौपदी मुर्मू की जीत तय लगती है, जबकि यशवंत सिन्हा की उम्मीदवारी औपचारिकता ही लगती है। यहां तक कि यशवंत सिन्हा की उम्मीदवारी का प्रस्ताव देने वालीं ममता बनर्जी भी इस पर पीछे हटती दिख रही हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा ने पहले ही उनकी उम्मीदवारी के संकेत दिए होते तो हम जरूर विचार करते।

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