लोक कला संरक्षण को कलाकारों ने लिया संकल्प
फूलपुर। भारतीय लोक कला देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान की आधारशिला है। लोक कलाओं
भारतीय लोक कला देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान की आधारशिला है। लोक कलाओं का संरक्षण केवल कलाकारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इन कलाओं को बढ़ावा नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से वंचित हो सकती हैं। उक्त बातें क्षेत्र के मंशा देवी विद्यालय, सावडीह में भारतीय लोककला महासंघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चंद्र यादव ने कहीं। उन्होंने कलाकारों से गांव-गांव और शहरों तक लोक कला के प्रचार-प्रसार का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।बैठक
में उपस्थित कलाकारों एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने लोक कला के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष गुलाबचंद मौर्या ने किया। अध्यक्षता कर रहे गोमती इंटर कॉलेज के सेवानिवृत अध्यापक रामजतन पटेल ने उपस्थित कलाकारों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में दीपचंद प्रजापति, गणेश शंकर पटेल, नलकू राम सरोज, राजितराम बिंद, तीरथराज, मेवालाल बिंद, कमल चंद्र, दूधनाथ, चंदन, छोटेलाल, बेचन लाल, फूलचंद, राजबली, मोहर्रम अली, अशोक कुमार, राम बहादुर, राम जनक, रामचंद्र, निगम लाल, लालचंद बिंद, संतोष कुमार पटेल, राजित राम, राजपति आदि कलाकार उपस्थित रहे।


