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खुशखबरी: छोटे मकानों पर जीएसटी से छूट देने की तैयारी

Small home (Symbolic Image)

रीयल एस्टेट पर जीएसटी की दरों की समीक्षा करने को बना मंत्रियों का समूह सस्ते घरों पर बड़ी राहत देने की तैयारी कर रहा है। खासकर 30 वर्ग मीटर तक के छोटे मकानों को पूरी तरह जीएसटी से छूट मुक्त किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों का समूह किफायती आवास क्षेत्र की सबसे निचली श्रेणी को जीएसटी से राहत देने की सिफारिश कर सकता है। इसके लिए किफायती आवास क्षेत्र की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा ताकि इसका दायरा बढ़ाकर ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके। सूत्रों ने हिंदुस्तान को बताया कि जीएसटी परिषद किफायती आवास के सबसे निचले तबके को ये छूट सबसे पहले देने का मन बना रही है। इसके तहत 30 वर्ग मीटर तक के मकान पर जीएसटी से छूट देने की सिफारिश पर विचार चल रहा है।

वहीं 60 और 150 वर्ग मीटर वाले घरों पर तीन फीसदी जीएसटी की सिफारिश की जा सकती है। अभी अफोर्डेबल हाउसिंग पर आठ फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। मामले से जुड़े अधिकारी का कहना है कि किफायती आवास को लेकर नई परिभाषा तय करने की वजह से रिपोर्ट देने में देरी हो रही है। गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की अध्यक्षता में यह मंत्रिसमूह बना है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 20 फरवरी को होनी है और उसे बैठक में चर्चा के लिए पेश का जा सकता है।

किफायती आवास में अभी 150 वर्गमीटर तक के मकान
देश में मौजूदा दौर में अलग-अलग श्रेणी में 30-150 वर्ग मीटर तक के कारपेट एरिया वाले घरों को किफायती आवास की श्रेणी में रखा गया है। सरकार आर्थिक तौर पर कमजोर तबके में सभी को घर देने के वायदे को पूरा करने की दिशा में ये बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। 

निर्माणाधीन घरों पर राहत की कवायद पहले ही
पिछली बैठक में मंत्रियों के समूह ने अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट पर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के 5 फीसदी जीएसटी लगाने की भी सिफारिश की है। अभी बन रहे घरों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है।

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  • Web Title:Preparation on GST exemptions from small houses