छह जोन और 32 सेक्टर में बंटेगा जिला, 13 फीट से ऊंचा नहीं होगा डीजे
आषाढ़ अमावस्या गंगा स्नान पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर कछला गंगा घाट पर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में छह जोन और 32 सेक्टर में जिले को बांटने का निर्णय लिया गया। 120 सफाई कर्मियों की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की गई। डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी।

कछला, संवाददाता। आषाढ़ अमावस्या गंगा स्नान पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर कछला गंगा घाट पर हुई समीक्षा बैठक में जिले को छह जोन और 32 सेक्टर में बांटने का निर्णय लिया गया। 120 सफाई कर्मियों की तैनाती, डीजे की ऊंचाई तय करने समेत सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की समीक्षा
कछला गंगा घाट पर सोमवार को मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी और पुलिस डीआईजी बरेली अजय साहनी ने डीएम अवनीश राय ब एसएसपी अंकिता शर्मा के साथ समीक्षा बैठक कर आषाढ़ अमावस्या गंगा स्नान पर्व और कांवड़ यात्रा की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में सभी विभागों से तैयारियों की जानकारी ली गई और आवश्यक सुझाव देने के साथ समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने गंगा घाट, कांवड़ यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थल, कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, यातायात संचालन और सुरक्षा इंतजामों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीआईजी ने बताया कि पूरे जिले को छह जोन और 32 सेक्टर में बांटा जाएगा तथा 42 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे।
कार्यक्रम में तैनाती
बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा मेले में 120 सफाई कर्मियों की तैनाती होगी। चार पहिया 108 एंबुलेंस के साथ भीड़ वाले क्षेत्रों तक तत्काल पहुंच के लिए दो पहिया एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी। डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी।
गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी, पार्किंग, रूट डायवर्जन, प्रकाश व्यवस्था और वाहन चोरी रोकने के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अन्य व्यवस्थाएं
बैठक में सीएमओ डॉ. विकास शर्मा, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया, एसपी सिटी अभिषेक सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु जो किये जायेंगे लागू
डीजे संचालन एवं ध्वनि सीमा
कांवड़ यात्रा में प्रयुक्त डीजे की ऊंचाई 12 फीट, चौड़ाई 10 फीट तथा ध्वनि सीमा 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगी। डीजे पर केवल धार्मिक एवं देशभक्ति के गीत ही बजाए जाएंगे। भड़काऊ या आपत्तिजनक गीत बजाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। संचालकों से बंध पत्र भरवाया जाएगा।
यातायात एवं रूट डायवर्जन
27 जुलाई से (श्रावण मास के दो दिन पूर्व) से मुख्य कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कछला से भमौरा, रामगंगा पुलिस चौकी, और चौपला चौराहा तक सुदृढ़ ट्रैफिक व्यवस्था एवं बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं (दवा, दूध, राशन आदि) के वाहनों के लिए अलग से रूट और समय निर्धारित किया जाएगा।
सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था
कावंड़ रूट पर सीसीटीवी एवं आईपी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी सीधे परिक्षेत्र कार्यालय की कावंड़ सेल द्वारा भी की जायेगी। ड्रोन कैमरे, पीए सिस्टम और एंटी-सबोटाज चेकिंग करेगी। डूबने की घटनाओं को रोकने हेतु पीएसी, एसडीआरएफ , स्थानीय गोताखोरों, नावों एवं लाइफ जैकेट्स की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी।
कांवड़ शिविर एवं जन-सुविधाएं
कांवड़ शिविरों का निर्माण सड़क से पर्याप्त दूरी पर होगा। शिविरों में भोजन पकाने हेतु प्लाईवुड के बजाय टीन शेड का उपयोग होगा तथा अग्निशामक यंत्र (अनिवार्य रूप से रखे जाएंगे। महिला कांवड़ियों के लिए शिविरों में शौचालय एवं अतिरिक्त कक्ष की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मार्ग के अस्पतालों में बेड रिजर्व रहेंगे और मोटर बाइक एंबुलेंस व एंटी-वेनम (सर्पदंश के इलाज हेतु) की व्यवस्था रहेगी।
मांस-मदिरा की दुकानों पर प्रतिबंध
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली शराब की दुकानों को पर्दे या तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की जाएगी। मार्ग पर पड़ने वाली मांस, बिरयानी और अंड़ों की दुकानें बंद रहेंगी। कांवड़ मार्ग के किसी भी रेस्टोरेंट, ढाबे या फूड कोर्ट में मांसाहारी भोजन तैयार नहीं किया जाएगा और रेट लिस्ट से भी इनका नाम हटाया जाएगा।
अफवाहों पर रोक एवं सोशल मीडिया निगरानी
सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए पुलिस की सोशल मीडिया सेल 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। ग्राम प्रधानों और पड़ोसी जनपदों के अधिकारियों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर समन्वय स्थापित किया जाएगा।


