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गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी, 35 मामलों में NIA ने किया नामजद; निशाने पर खालिस्तानी नेटवर्क भी

एनआईए और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कम से कम 35 मामलों में जांच की जा रही है और पन्नू को भारत प्रत्यर्पित करने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा कई खालिस्तानी नेटवर्क भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं।

गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी, 35 मामलों में NIA ने किया नामजद; निशाने पर खालिस्तानी नेटवर्क भी
Himanshu Tiwariनीरज चौहान, हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीWed, 22 Nov 2023 11:24 PM
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पंजाब पुलिस के लिए मुजरिम नंबर 1 बन चुके गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी है। एनआईए और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कम से कम 35 मामलों में जांच की जा रही है और पन्नू को भारत प्रत्यर्पित करने के प्रयास जारी हैं। पंजाब पुलिस ने 2018 से अब तक पन्नू और उसके सहयोगियों के खिलाफ 29 मामले दर्ज किए हैं, एनआईए कम से कम छह मामलों में उसकी जांच कर रही है, जिनमें से चार सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) द्वारा एक बड़ी खालिस्तानी साजिश की जांच के लिए 2019 और 2021 के बीच दर्ज किए गए थे। संयुक्त राज्य अमेरिका में एसएफजे का नेता पन्नू 1 जुलाई, 2020 को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया गया था। इस तरह भारतीय एजेंसियों को पूरे भारत में पन्नू के खिलाफ कार्रवाई करने और उसकी संपत्ति भी जब्त करने की अनुमति मिल गई है।

एनआईए ने खोला कच्चा चिट्ठा
एनआईए ने दिसंबर 2020 में दायर अपने आरोप पत्र में पन्नू समेत खालिस्तानी नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोला है। आरोप पत्र में एनआईए ने एसएफजे, पन्नू और अन्य खालिस्तान समर्थक नेताओं जैसे यूके स्थित परमजीत सिंह पम्मा, मारे गए कनाडा स्थित नेता हरदीप सिंह निज्जर और अन्य के खिलाफ अपने आरोप पत्र में कहा कि एसएफजे, मानवाधिकार वकालत समूह की आड़ में और अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि जैसे विभिन्न विदेशी देशों में कार्यालयों के साथ, पाकिस्तान सहित विदेशी धरती से संचालित होने वाले खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों का चेहरा है।

गृह मंत्रालय ने भी गिनाए गुनाह
10 जुलाई, 2019 को एसएफजे को एक आतंकवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित करते समय गृह मंत्रालय ने अपनी नोटिस में कहा, "एसएफजे पंजाब और अन्य जगहों पर राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल है, जिसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करना है; एसएफजे उग्रवादी संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ निकट संपर्क में है और उग्रवाद के हिंसक स्वरूप का समर्थन कर रहा है।" एसएफजे भारत संघ के क्षेत्र से एक संप्रभु खालिस्तान बनाने के लिए पंजाब और अन्य जगहों पर उग्रवाद फैला रहा है। 

विदेशी धरती पर भारतीयों के खिलाफ हिंसा भड़काने और भारतीय एम्बेसी और वाणिज्य दूतावासों पर हमला करने की पन्नू की कोशिशें भी एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं। दिसंबर 2020 में, एनआईए ने ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और अन्य देशों में भारतीय एम्बेसी के बाहर अभियान और प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विदेशों में खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों की कथित फंडिंग की जांच के लिए एक मामला दर्ज किया। एफआईआर में एसएफजे, पन्नू, पम्मा और निज्जर (अब मृत) को नामित किया गया है और आरोप लगाया गया है कि खालिस्तानी तत्व भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए धन इकट्ठा कर रहे थे।

इस महीने की शुरुआत में, संघीय एजेंसी ने एयर इंडिया से उड़ान भरने वाले यात्रियों को धमकी देने वाले वायरल वीडियो जारी करने के लिए पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद, भारत स्थित गैंगस्टरों, ड्रग तस्करों और खालिस्तानियों की सांठगांठ की जांच के लिए इस साल मार्च में दायर एक आरोप पत्र में एनआईए ने कहा कि पन्नू सहित विदेशी आधारित पीकेई अपने भारत विरोधी प्रदर्शनों और हिंसक गतिविधियों के लिए गैंगस्टरों का इस्तेमाल करते हैं।

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