इलाज के दौरान गर्भवती और नवजात की मौत
नूंह जिले के सिकरावा गांव में एक अवैध क्लीनिक में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक पर छापा मारकर एमटीपी किट और चिकित्सा उपकरण बरामद किए। मामले की जांच की जा रही है। परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया है।

पलवल, अजित कुमार। नूंह जिले के सिकरावा गांव में संचालित एक अवैध क्लीनिक में इलाज के दौरान गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत का मामला सामने आया है। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में एमटीपी किट और चिकित्सा उपकरण बरामद किए हैं। विभाग ने मामले में क्लीनिक संचालक समेत संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर केस दर्ज कराया है। मामला पलवल के मानपुर गांव निवासी आरती का है। परिजनों के अनुसार आरती गर्भवती थी और 10 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर उसका पति सूरज उसे इलाज के लिए नूंह जिले के सिकरावा स्थित एक निजी क्लीनिक में लेकर गया था। डॉक्टर की सलाह पर महिला को वहीं भर्ती करा दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पूरी रात इलाज चलता रहा, लेकिन 11 जुलाई को प्रसव के दौरान आरती और उसके नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने गलत इलाज और लापरवाही के आरोप लगाए।
जांच का कार्यवाही
मामले की सूचना मिलने पर पलवल स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। सिविल अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय के नेतृत्व में गठित टीम में डॉ. अनिल और पीएनडीटी टीम के सदस्य भी शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक के दस्तावेजों और गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान सहाना नामक क्लीनिक बिना वैध अनुमति के संचालित होता मिला। मौके पर आरिफ नाम का व्यक्ति मरीजों को दवा देता पाया गया। तलाशी लेने पर क्लीनिक से बड़ी संख्या में एमटीपी किट और अन्य चिकित्सकीय उपकरण बरामद हुए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामग्री को जांच के दायरे में लिया है।
अंतिम निष्कर्ष
डॉ. संजय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में महिला और उसके बच्चे की मौत इलाज में लापरवाही और गलत उपचार से जुड़ी प्रतीत हुई है। इसके आधार पर क्लीनिक संचालक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


