मेट्रो के डीपीआर का हिस्सा बनेगा रोप वे
प्रयागराज में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के डीपीआर में अब रोप वे को शामिल किया जाएगा। पीडीए ने राइट्स को 15 अगस्त तक संशोधित डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मेट्रो के रूट को एयरपोर्ट तक बढ़ाया जाएगा और मेट्रो तथा रोप वे के स्टेशन एक परिसर में बनेंगे।

प्रयागराज। प्रयागराज में प्रस्तावित मेट्रो के डीपीआर में अब रोप वे परियोजना को भी शामिल किया जाएगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने मेट्रो रेल का डीपीआर तैयार कर रही रेलवे की इकाई राइट्स को डीपीआर में मेट्रो परियोजना को भी शामिल करने का निर्देश दिया है। पीडीए ने राइट्स को 15 अगस्त तक संशोधित डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार होने के बाद परीक्षण करने के बाद पीडीए डीपीआर शासन को भेजेगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले प्रस्तावित मेट्रो लाइट प्रणाली के स्थान पर अब पूर्ण मेट्रो ट्रेन के संचालन की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए डीपीआर में तकनीकी संशोधन किया जा रहा है। पहले मेट्रो के बमरौली-सिटी लेक और शांतिपुरम-छिवकी रूट का डीपीआर बनाया गया था।संशोधित डीपीआर में बमरौली-सिटी लेक रूट को एयरपोर्ट तक बढ़ाया जा रहा है। पहले मेट्रो लाइट के लिए छोटे स्टेशनों का प्रस्ताव बना था। अब बड़े स्टेशन का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। पीडीए के कार्यवाहक मुख्य अभियंता कौशलेंद्र चौधरी ने बताया कि मेट्रो रेल के दो रूट और रोप के स्टेशन परेड में बन रहे हैं। मेट्रो और रोप वे के स्टेशन एक परिसर में बनाने की योजना बनी है। दोनों के स्टेशन के लिए 12 हजार वर्ग मीटर से अधिक परेड में जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। कुल जमीन की कीमत 110 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इससे दोनों परियोजना की लागत कम होगी। यात्रियों को भी एक ही स्थान पर दोनों सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन से डीपीआर की स्वीकृति मिलन के बाद सेना से जमीन लेने की कवायद शुरू होगी।


