48 घंटों में 98 संस्थानों पर प्रशासन ने की कार्रवाई
प्रयागराज में लखनऊ के कोचिंग संस्थान में अग्निकांड के बाद, जिला प्रशासन ने 98 संस्थानों को बंद कर दिया। इनमें 86 संस्थानों के पंजीकरण निरस्त किए गए और 12 विवाह घर, होटल और लॉज भी बंद कर दिए गए। एडीएम सत्यम मिश्र ने कहा कि अग्निशमन उपकरणों के अभाव में और संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रयागराज। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त रुख अपना चुका है। महज 48 घंटों में जिले के 98 संस्थानों पर बंदी की कार्रवाई की जा चुकी है। जिसमें बुधवार को 86 संस्थानों के पंजीकरण निरस्त किया गया और शुक्रवार को 12 विवाह घर, होटल, लॉज को बंद करा दिया गया। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जांच चल रही है। शनिवार शाम तक लिस्ट और बड़ी हो सकती है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को राजेंद्र तिवारी के चांदपुर सलोरी में संचालित शिवीराम इन, रविशंकर के मीरापट्टी ट्रांसपोर्ट नगर स्थित त्रिवेणी गैंड होटल एवं बैंक्वेट, सुनील चंद्र के महात्मा गांधी मार्ग स्थित शहंशाह होटल, मो. फरहान उल्ला के नूरुल्लाह रोड स्थित सदाबहार लाइंस, भावना शुक्ला व कमला त्रिपाठी के राय बहादुर रामचरन रोड स्थित राधा कृष्ण मंडपम विवाह घर, प्रेम कुमार के धनुहा अरैल स्थित प्रेम वाटिका, साकेत सचिन के घुंघरू चौराहा स्थित संगम इंटरनेशनल, मयंकेश्वर सिंह के ट्रिपलआईटी चौराहा फेज-2 झलवा स्थित महादेव होम्स गेस्ट हाउस, संदीप सिंह के बंद रोड कृष्णा कोचिंग स्थित गंगाधाम, आलोक कुमार त्रिपाठी के ग्राम टिकरी कला गजापुर स्थित बच्चाजी गेस्ट हाउस, सुधा देवी के नवाबगंज स्थित राम वाटिका व झूंसी हवेलिया में विजय गेस्ट हाउस को बंद करने का आदेश दिया गया है।एडीएम
सिटी सत्यम मिश्र ने बताया कि जिन सभी संस्थानों में अग्निशमन के उपकरण व अन्य जरूरी मानक पूरे नहीं होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोग सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और विभागीय अफसर लगातार इसकी मॉनिटरिंग करें।
लेखक के बारे में
Abhishek Mishraशॉर्ट बायो: अभिषेक मिश्र पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रयागराज में वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में प्रशासनिक व प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक मिश्र भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में अभिषेक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रशासनिक, धार्मिक व राजनीतिक गतिविधियों की खबरों को देख रहे हैं। 2010 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अभिषेक मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2004 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से की थी। अगस्त 2007 में अमर उजाला कानपुर व आगरा में रहते हुए अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2008 से अगस्त 2010 तक दैनिक जागरण आईनेक्स्ट अखबार में प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा की रिपोर्टिंग की। सितंबर 2010 में एक बार फिर ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। तब से अब तक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक करने बाद अभिषेक मिश्र ने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। इसके बाद से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में उच्च व तकनीकी शिक्षा के साथ बाद प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा, मेडिकल बीट की रिपोर्टिंग के साथ ही रेलवे व परिवहन की रिपोर्टिंग का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से प्रशासन, आबकारी बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग करते हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
पत्रकारिता का लंबा अनुभव रखने वाले अभिषेक का मानना है कि खबरें सच दिखाती हैं। कमजोर वर्ग की समस्या के साथ विकास करने वाली और विकास को बढ़ाने वाली खबरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए गहन पड़ताल की भी जरूरत होती है।
महाकुंभ की कवरेज
वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान व्यवस्थागत खबरों के साथ ही अखाड़ों पर खास रिपोर्ट की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है।
विशेषज्ञता
महाकुम्भ, कुम्भ और माघ मेला की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा बीट की रिपोर्टिंग का अनुभव।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ की कम्यूनिटी रिपोरिटिंग।
जीवन शैली को बदलने वाली खबरों के साथ, तथ्यात्मक विशेष रूप से विश्लेषण वाली खबरों पर फोकस।


