डीवीसी बीटीपीएस से दूसरे दिन भी उत्पादन ठप रहा
बेरमो ऊर्जांचल के डीवीसी बीटीपीएस में 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट से पिछले दो दिन से बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप है। ट्यूब लीकेज के कारण शुक्रवार को उत्पादन रुक गया था और इसके मरम्मत कार्य में समय लगेगा। उम्मीद है कि सोमवार शाम तक उत्पादन शुरू होगा, जिससे झारखंड, बिहार, पंजाब और दिल्ली में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

बेरमो ऊर्जांचल अंतर्गत डीवीसी बीटीपीएस की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट से दूसरे दिन शनिवार को भी उत्पादन शुरू नहीं हो सका। ट्यूब लीकेज के कारण बीते शुक्रवार को बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था। वहीं यहां से उत्पादित बिजली के नेशनल ग्रिड के माध्यम से झारखंड, बिहार, पंजा व दिल्ली समेत अन्य क्षेत्रों को भेजी जाती है। ऐसे में इन जगहों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इससे पहले शुक्रवार सुबह तक प्लांट की यूनिट से 364 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। दोपहर पौने दो बजे तक उत्पादन घटकर करीब 300 मेगावाट रह गया था।
इसी दौरान ट्यूब लीकेज की पुष्टि हो सकी। मुख्य प्रबंधक सह परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने बताया कि सोमवार शाम तक लाइटअप कर उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। यूनिट को शटडाउन देने के बाद बायलर को पूरी तरह ठंडा होने में समय लगेगा। बायलर के ठंडा होने के बाद ही मेंटेनेंस टीम लीकेज की मरम्मत का काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में यदि परिस्थितियां सामान्य रही और मरम्मत का काम निर्धारित समय में पूरा हो गया तो सोमवार शाम तक यूनिट को लाइटअप कर दोबारा बिजली उत्पादन शुरू करने का प्रयास किया जायेगा।मालूम हो कि पावर प्लांट के बायलर में बड़ी संख्या में धातु की ट्यूब होती है। इन ट्यूबों के अंदर पानी प्रवाहित होता है, जिसे गर्म कर भाप में बदला जाता है। इसी भाप से टर्बाइन चलाकर बिजली पैदा की जाती है। अत्यधिक तापमान, दबाव, जंग या ट्यूब में किसी तरह की क्षति के कारण उसमें दरार या छेद हो जाने पर पानी या भाप का रिसाव शुरू हो जाता है। इसे ट्यूब लीकेज कहा जाता है। ट्यूब लीकेज होने पर बायलर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और गंभीर तकनीकी नुकसान से बचने के लिए यूनिट को बंद करना जरूरी हो जाता है।


