फेस रिकग्निशन अटेंडेंस मशीन पर हाजिरी से नाखुश पॉवर कारपोरेशनकर्मी
पॉवर कारपोरेशन द्वारा कर्मचारियों के लिए फेस रिकग्निशन मशीन से हाजिरी अनिवार्य करने से कर्मचारी नाखुश हैं। कर्मचारी कहते हैं कि यह नियम फील्ड कार्य की वास्तविकता के अनुरूप नहीं है, क्योंकि उन्हें अक्सर उपभोक्ताओं की समस्याओं के निपटारे के लिए दूर जाना पड़ता है। हाजिरी के लिए बार-बार कार्यालय लौटने से कार्य बाधित होगा।

पॉवर कारपोरेशन द्वारा बिजलीघर, उपकेंद्र एवं अन्य निर्धारित कार्यस्थल पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए फेस रिकग्निशन अटेंडेंस मशीन पर हाजिरी दर्ज कराना अनिवार्य कर दिए जाने से कर्मचारी नाखुश हैं। उनका कहना है कि नया नियम फील्ड में कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारियों की कार्यशैली के अनुरूप नहीं है। पॉवर कारपोरेशन के जेई विष्णु कोठारी, राजकुमार, आशुतोष, भरत कुमार, रवि पाल सिंह, सनी सैनी, अश्वनी कुमार, दिनेश और अशोक ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने, ट्रांसफार्मर खराब होने, लाइन फॉल्ट, तार टूटने या अन्य तकनीकी शिकायतों के निस्तारण के लिए उन्हें अक्सर अपने तैनाती स्थल से खासी दूर जाना पड़ता है।
ऐसे में अगर सुबह दस बजे या शाम पांच बजे वह किसी अन्य स्थान पर उपभोक्ताओं की समस्या दूर कर रहे हों तो उन्हें काम बीच में छोडक़र हाजिरी लगाने के लिए वापस कार्यालय आना पड़ेगा जिससे न केवल कार्य प्रभावित होगा बल्कि बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी देरी होगी। कहा कि निगम के कर्मचारी चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं देते हैं। जिसमे आंधी, बारिश, दुर्घटना या अन्य आपदा की स्थिति में उन्हें देर रात तक भी फील्ड में रहकर बिजली सप्लाई सुचारू करनी पड़ती है ऐसे में शाम पांच बजे ड्यूटी खत्म करने की बाध्यता व्यवहारिक नहीं है और यह फील्ड ड्यूटी की वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाती है। कहा कि हाजिरी दर्ज करने के लिए बनाए गए नए नियम में यदि संशोधन नहीं किया गया तो फील्ड कार्य और उपभोक्ता सेवाओं पर बुरा असर पड़ेगा।


