लागत से कम कीमत मिलने पर आलू उत्पादकों को भरपाई
वाराणसी में आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को नुकसान से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत, आलू उत्पादकों को लागत से कम कीमत मिलने पर 25 प्रतिशत तक भरपाई मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर छूट मिलेगी।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बाजार में आलू की कीमतें गिर जाने से किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता की योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश में पहली बार लागत से कम कीमत मिलने पर आलू उत्पादकों को 25 फीसदी तक भरपाई मिलेगी। आलू की खेती को बढ़ाने और उत्पादकों को नुकसान से बचाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। दरअसल, कई बार बाजार में कीमतें गिर जाने से आलू उत्पादकों को काफी नुकसान होता है। उनकी लागत तक नहीं निकल पाती। इससे कृषकों पर आर्थिक मार पड़ती है। उन्हें नुकसान से बचाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से भामाशाह भाव स्थिरता की योजना शुरू की गई है।
इसके लिए लागत मूल्य लखनऊ में बनी विभागीय कमेटी तय करेगी। बता दें कि जिले में लगभग 3200 हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है। इसके अलावा मांग के हिसाब से फर्रुखाबाद, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी आलू मंगाया जाता है। अब आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए भामाशाह योजना के तहत किसानों को प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि इसके लिए प्रति कृषक अधिकतम दो हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल जरूरी होगा। अनुदान (भरपाई) अधिकतम 200 कुंतल पर देय होगा। किसानों को वेबसाइट ‘पोटेटो डॉट यूपी हॉर्टिकल्चर डॉट इन’ पर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि एक अन्य योजना के तहत पहली बार निजी शीतगृहों (कोल्ड स्टोरेज) में आलू रखने पर भी 100 रुपये प्रति कुंतल भंडारण प्रभार (भाड़े) में छूट मिलेगी। इसके लिए भी पहली योजना के मानक निर्धारित किए गए हैं।


