यूजी कॉलेजों में शुरू होगी पीजी की पढ़ाई, प्रस्ताव भेजने की तैयारी

हिन्दुस्तान, आरा
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-जिन विषयों में स्नातक की पढ़ाई, उन्हीं में खुलेगा पीजी पाठ्यक्रम, प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही लोक भवन भेजने की तैयारी है

यूजी कॉलेजों में शुरू होगी पीजी की पढ़ाई, प्रस्ताव भेजने की तैयारी

-जिन विषयों में स्नातक की पढ़ाई, उन्हीं में खुलेगा पीजी पाठ्यक्रम -एक सप्ताह में लोक भवन भेजा जाएगा इससे संबंधित प्रस्ताव आरा, निज प्रतिनिधि। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध वैसे अंगीभूत एवं राजकीय डिग्री कॉलेज, जहां वर्तमान में केवल स्नातक (यूजी) स्तर की पढ़ाई हो रही है, वहां अब स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही लोक भवन भेजने की तैयारी है। बताया जाता है कि जिन कॉलेजों में जिन विषयों में स्नातक की पढ़ाई संचालित हो रही है, उन्हीं विषयों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया जाएगा। इससे संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्नातक के बाद उसी संस्थान में उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर मिल सकेगा।

स्वीकृति की प्रक्रिया

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में हाल में हुई एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट की बैठकों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अंगीभूत महाविद्यालयों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठकों में इन प्रस्तावों को लोक भवन भेजने का निर्णय लिया गया था। विश्वविद्यालय स्तर पर अब प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार करीब एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव लोक भवन को भेज दिया जाएगा। इसके बाद स्वीकृति मिलने पर संबंधित कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सीटों की कमी

मालूम हो कि विवि प्रस्ताव के आलोक में मानक की जांच कर रिपोर्ट भेजेगा। जिन कॉलेजों में बुनियादी सुविधा और शिक्षक होंगे, वहां पीजी कोर्स खुलेगा। पीजी में सीटें कम, सभी जगह कोर्स नहीं मालूम हो कि पीजी में पांच हजार 998 सीटों पर एडमिशन लिया जाता है। इतनी ही सीटें निर्धारित हैं। बता दें कि इस बार भी प्रवेश परीक्षा के लिए 11 हजार आवेदन आए हैं। हर वर्ष सीटें कम रहने से विद्यार्थी पीजी में एडमिशन नहीं करा पाते हैं। पिछले वर्ष विवि के एसवीपी कॉलेज भभुआ और एमवी कॉलेज बक्सर में पीजी स्तर पर सभी पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कराने के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने प्रश्न खड़ा करते हुए सरकार को पत्राचार किया था। विधान परिषद में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रश्न पूछे गए थे। बता दें कि भभुआ और बक्सर में पीजी स्तर पर सभी विषयों की पढ़ाई नहीं होने से वहां के छात्र छात्राओं को आरा में आकर पढ़ाई करनी पड़ती है। आने-जाने ही ही विद्यार्थियों का पूरा समय लग जाता है। भभुआ की बात करें तो एसवीपी कॉलेज में विज्ञान में सिर्फ रसायनशास्त्र और कला में इतिहास और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई होती है। वहीं बक्सर में भी इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मनोविज्ञान की सिर्फ पढ़ाई होती है।

हर वर्ष वंचित विद्यार्थी

हर वर्ष विद्यार्थी एडमिशन से हो जाते हैं वंचित हर वर्ष हजारों विद्यार्थी पीजी में एडमिशन से वंचित हो जा रहे हैं। मांग के बावजूद सभी अंगीभूत कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम की पढ़ाई नहीं शुरू हो पा रही है। स्थिति यह है कि पीजी में सीटों की कमी के कारण विज्ञान, कॉमर्स और कला संकाय के हजारों विद्यार्थियों का एडमिशन नहीं हो पाता है। विवि और कॉलेजों में संचालित पीजी में न तो सीटें बढ़ रही हैं और न ही कॉलेजों में कई विषयों के पीजी विभाग खुल रहे हैं। इस तरह हजारों विद्यार्थी जो उच्च शिक्षा के तहत पीजी की डिग्री लेने की इच्छा रखते हैं, उनका सपना पूरा नहीं हो पाता है। उन्हें स्नातक की डिग्री हासिल कर ही उच्च शिक्षा में संतोष करना पड़ता है।

सीट वृद्धि की अपेक्षा

सीट वृद्धि भी नहीं हुई मालूम हो कि शिक्षा विभाग के पत्र के आलोक में विभाग और कॉलेजों से शिक्षकों की संख्या, विद्यार्थियों के नामांकन और उत्तीर्णता की स्थिति, आधारभूत संरचना की स्थिति और प्रायोगिक विषयों में प्रयोगशाला की स्थिति की जानकारी मांगी थी। अगर सीट वृद्धि होती है तो अधिकतर विद्यार्थियों का दाखिला पीजी में हो सकता है। नौ कॉलेजों में होती है पढ़ाई विवि स्तर पर 20 पीजी विभाग और नौ अंगीभूत कॉलेजों में पीजी स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई अभी हो रही है। मालूम हो कि मुख्यालय अंतर्गत सिर्फ महाराजा, जैन, एसबी और महिला कॉलेज में पीजी पढ़ाई होती है। इसमें भी कॉलेजों में कुछ विषय की ही पढ़ाई होती है। जगजीवन कॉलेज में तो पीजी के किसी विषय की पढ़ाई नहीं होती है। आरा मुख्यालय में गणित व रसायनशास्त्र विषय की पढ़ाई सिर्फ महाराजा कॉलेज, जैन कॉलेज और विवि में होती है, जबकि भौतिकी की पढ़ाई सिर्फ विवि मुख्यालय और एचडी जैन कॉलेज में ही होती आ रही है। इसके अलावा कॉमर्स की पढ़ाई चारों जिलों में सिर्फ विवि और एचडी जैन कॉलेज में की जाती है। रोहतास जिले में एसपी जैन कॉलेज, बिक्रमगंज के एएस कॉलेज, जेएलएन कॉलेज डेहरी ऑन सोन, बक्सर के एमवी कॉलेज और भभुआ के एसवीपी कॉलेज में पीजी की पढ़ाई होती है। हालांकि इन जगहों पर सभी विषय नहीं संचालित हैं।

सामान्य प्रश्न

✦पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया कब शुरू हुई?−
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है और प्रस्ताव एक सप्ताह में लोक भवन भेजा जाएगा।
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