टाटा कमिंस में कौशल भत्ता में होगा सुधार
टाटा कमिंस के कर्मचारियों के वेज रिवीजन के लिए प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता सकारात्मक रही। यूनियन ने स्किल अलाउंस में सुधार की मांग की और पहले के नियमों को लागू करने का प्रस्ताव रखा। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी, पर वार्ता जारी है।

टाटा कमिंस के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता पर एक माह बाद गुरुवार को फिर प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता शुरू हुई। इस बार वार्ता सकारात्मक रही। वार्ता में एसोसिएट ग्रोथ प्लान (एजीपी) में स्कील अलाउंस पर बनी बड़ी जिच पर यूनियन को सफलता मिली और प्रबंधन ने इस कौशल भत्ता में सुधार करने का आश्वासन दिया। इसे अनुमोदन के लिए पुणे भी भेज दिया गया। गुरुवार दोपहर तीन बजे दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू हुई। इसमें प्रबंधन ने वेज में बढ़ोतरी की राशि को चार किस्त में देने के प्रतिशत पर अपना प्रस्ताव दिया। प्रबंधन ने प्रथम वर्ष कुल बढ़ी राशि का 75 प्रतिशत, दूसरे और तीसरे वर्ष 10-10 प्रतिशत तथा चौथे और अंतिम वर्ष 5 प्रतिशत राशि देने का प्रस्ताव दिया।
यूनियन ने इसपर असहमति जताते हुए पिछले बार की तरह इस बार भी प्रथम वर्ष 85 प्रतिशत, दूसरे, तीसरे तथा चौथे वर्ष 5-5 प्रतिशत राशि देने को कहा। अंत तक इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। यूनियन ने एजीपी के वर्तमान नियमों को वापस लेने तथा इसके पहले के नियमों को लागू करने का प्रस्ताव रखा। यूनियन ने कहा कि स्किल एलाउंस सभी कर्मचारियों के लिए एक समान मिलना चाहिए। वर्तमान में कर्मचारियों के प्रति वर्ष होने वाले एसेसमेंट में प्राप्त अंकों के आधार पर राशि निर्धारित की जाती है। वर्तमान में 70 से 80 प्रतिशत अंक पाने वाले कर्मचारियों को उनके वार्षिक इंक्रीमेंट के बराबर राशि दी जाती है। जबकि 80 से 90 प्रतिशत अंक पानेवाले कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का 1.25 प्रतिशत तथा 90 से 100 प्रतिशत अंक पाने वाले कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का 1.5 प्रतिशत राशि स्किल अलाउंस के रूप में दिया जाता है जिसमें एकरूपता करने की मांग यूनियन कर रही है। वार्ता में प्रबंधन से अजितेश मोंगा, भीकम सिंह, दीपेश चौलिया आदि तथा यूनियन से अविनाश अनुपम, शंभू शरण, अनूप किशोर, रतन प्रमाणिक आदि शामिल हुए।


