ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ देशपहली बार इंग्लैंड में ईसाइयों की संख्या आधे से कम, मुस्लिम तेजी से बढ़े: रिपोर्ट

पहली बार इंग्लैंड में ईसाइयों की संख्या आधे से कम, मुस्लिम तेजी से बढ़े: रिपोर्ट

इंग्लैंड में ईसाई धर्म के बाद कोई भी ऐसा दूसरा धर्म नहीं है, जिसकी आबादी दूसरे नंबर पर हो। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा आबादी किसी भी धर्म को न मानने वालों की है। यह संख्या तेजी से बढ़ी है।

पहली बार इंग्लैंड में ईसाइयों की संख्या आधे से कम, मुस्लिम तेजी से बढ़े: रिपोर्ट
Surya Prakashएएफपी,लंदनWed, 30 Nov 2022 12:39 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

इंग्लैंड में पहली बार आधे से कम लोगों ने अपना धर्म ईसाई बताया है। मंगलवार को जारी किए गए जनसंख्या के आंकड़ों में यह बात सामने आई है। इसे इंग्लैंड और वेल्स की जनसांख्यिकी में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। 2021 में 10 साल बाद हुई जनगणना में यह बात सामने आई है। इसके मुताबिक मुस्लिम आबादी में तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन ईसाई धर्म के बाद कोई भी ऐसा दूसरा धर्म नहीं है, जिसकी आबादी दूसरे नंबर पर हो। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा आबादी किसी भी धर्म को न मानने वालों की है। इसका अर्थ है कि इंग्लैंड में तेजी से नास्तिकता बढ़ रही है। 

आर्कबिशप ऑफ यॉर्क स्टीफन कॉटरेल ने कहा कि सेक्यूलर दौर में यह कोई बड़े सरप्राइज की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार आबादी के अनुपात में ईसाइयों की संख्या तेजी से घट रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से जीवन के आगे संकट और लोग अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उस दौर में धर्म और अध्यात्म का महत्व बढ़ जाता है। युनाइटेड किंगडम की जनगणना में 2001 में धर्म का सवाल जोड़ा गया था। प्रशासन का कहना है कि जनगणना के दौरान 94 फीसदी लोगों ने इस सवाल का जवाब का दिया है। 

कोई धर्म न मानने वाले 37 फीसदी से ज्यादा लोग

इंग्लैंड में 27.5 मिलियन लोगों ने अपना धर्म ईसाई बताया है। यह संख्या इंग्लैंड की आबादी के 46 फीसदी के बराबर है। 2011 के मुकाबले यह आंकड़ा 13 फीसदी से भी कम है। अपना कोई धर्म न बताने वाले लोगों की संख्या 22.2 मिलियन पाई गई है, जो कुल आबादी का 37.2 फीसदी है। इसके अलावा मुस्लिमों की आबादी 3.9 मिलियन है, जो कुल आबादी के 6.5 फीसदी के बराबर है। इंग्लैंड की आबादी में 1 मिलियन यानी 10 लाख के करीब हिंदू हैं। इसके अलावा 5 लाख से ज्यादा सिख हैं और बौद्ध आबादी भी ढाई लाख से ज्यादा है। 

गोरों की संख्या में आई कमी, एशियाई मूल के लोग दूसरे नंबर पर

स्कॉटलैंड और आयरलैंड की आबादी का डेटा अलग से जारी किया गया है। मजहब के अलावा खुद को नस्लीय तौर पर श्वेत बताने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है। इसका अर्थ है कि प्रवासी लोगों की आबादी में तेजी से इजाफा हुआ है। 2011 में श्वेतों की आबादी 86 फीसदी थी, जो अब 81 फीसदी के करीब ही रह गई है। इसके बाद दूसरे नंबर पर एशियाई मूल के लोग हैं, जिनकी आबादी 9.3 फीसदी के करीब है।