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कर्नाटक में सावरकर पर फिर सियासत, मंत्री खरगे बोले- वह वीर नहीं थे; क्या हटेगी विधानसभा से तस्वीर?

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि सावरकर की तस्वीर राज्य विधानसभा के अंदर नहीं होनी चाहिए। तस्वीर को हटाने के लेकर सीएम सिद्धारमैया ने भी बयान जारी किया है।

कर्नाटक में सावरकर पर फिर सियासत, मंत्री खरगे बोले- वह वीर नहीं थे; क्या हटेगी विधानसभा से तस्वीर?
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,बेंगलुरुThu, 07 Dec 2023 05:47 PM
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हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर एक बार फिर से सुर्खियों में है। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि सावरकर की तस्वीर राज्य विधानसभा के अंदर नहीं होनी चाहिए। खरगे ने संवाददाताओं से कहा, "जिस किसी की विचारधारा नफरत भड़काती है और विभाजन पैदा करती है, उसे विधानसभा में नहीं होना चाहिए, अगर भाजपा को यह समस्याग्रस्त लगता है, तो यह उनका मुद्दा है।" अपने बयान में प्रियंक खरगे ने ये भी कहा कि सावरकर कोई वीर नहीं थे।

क्या हटेगी सावरकर की तस्वीर?
पिछली भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान 'सुवर्ण विधान सौध' विधानसभा कक्ष के अंदर सावरकर के आदमकद चित्र का अनावरण किया गया था। तब कांग्रेस ने इस कदम के लिए भाजपा की आलोचना की थी। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस दावे के बीच कि विधानसभा अध्यक्ष निर्णय लेंगे तो तस्वीर को विधानसभा कक्ष से हटा दिया जाएगा। सिद्धारमैया ने सोमवार को पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा, "यह अध्यक्ष पर छोड़ दिया गया है कि क्या सावरकर का चित्र हटाया जाना चाहिए या नहीं।"

पहले भी विरोध जता चुकी है कांग्रेस
स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, बीआर अंबेडकर, बसवेश्वर, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ सावरकर के चित्र का अनावरण पिछले साल राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले किया गया था। तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा लिए गए कथित एकतरफा फैसलों के विरोध में सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस ने अनावरण समारोह के दौरान 'सुवर्णा विधान सौधा' के बाहर प्रदर्शन किया। उस समय, सिद्धारमैया ने दावा किया कि प्रदर्शन राष्ट्रीय नेताओं और समाज सुधारकों के चित्र लगाने की मांग को लेकर था और वे किसी एक चित्र के खिलाफ विरोध नहीं कर रहे थे।

स्पीकर यूटी खादर ने रविवार को खुलासा किया कि विधानसभा कक्ष के अंदर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है, जिससे सावरकर की तस्वीर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

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