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21 जनवरी, 2020|3:01|IST

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प्याज पर संसद में सियासी संग्राम, केंद्र के खिलाफ कांग्रेस ने की नारेबाजी

onion price reached 150 rupees

प्याज की बढ़ती कीमतों पर गुरुवार (5 दिसंबर) को लोकसभा में जमकर सियासी तीर चले। कांग्रेस ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों ने सदन में यह मुद्दा उठाकर सरकार से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस का प्रदर्शन : सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस सांसदों ने प्याज की बढ़ती कीमतों के विरोध में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, गौरव गोगोई, अधीर रंजन चौधरी, कुमारी शैलजा, के सुरेश आदि सांसद मौजूद थे। सांसदों के हाथों में पोस्टर थे जिस पर लिखा था ‘महंगाई पर प्याज की मार, बंद करो मोदी सरकार।’ कांग्रेस सांसद अपने साथ एक टोकरी प्याज भी लेकर आए थे।

महाराष्ट्र में आठ रुपये किलो प्याज : कांग्रेस नेता के. सुरेश ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि देश में प्याज 90 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। बड़े शहरों में कीमतें 130 रुपये तक पहुंच गई हैं लेकिन महाराष्ट्र के किसान इसे महज आठ रुपये प्रति किलोग्राम बेच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोई फायदा नहीं मिल रहा है। मौसम की मार, जलवायु परिवर्तन और कर्ज में डूबे किसान खुदकुशी कर रहे हैं। हर माह 950 किसान जान गंवा रहे हैं। कृषि संकट, बेरोजगारी व आर्थिक मंदी इस सरकार का तोहफा है। इस सरकार ने संस्थाओं को नष्ट करने का प्रयास किया है। केंद्र किसान सम्मान निधि योजना के लिए पीठ थपथपा रही है, पर देश के कई हिस्सों में किसान इसके लाभ से वंचित हैं।

बलिया में 25 रुपये किलो प्याज : भाजपा
भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्याज महंगे होने की बात की जा रही है, लेकिन चलिए  मैं अपने संसदीय क्षेत्र (बलिया) के मोहमदाबाद में 25 की दर एक ट्रक प्याज दिलवाता हूं। उन्होंने आर्थिक मंदी पर विपक्ष के आरोपों पर भी पलटवार किया। सिंह ने कहा कि देश को बदनाम करने के लिए ऑटो क्षेत्र में मंदी और बिक्री कम होने की बातें की जा रही हैं।

तृणमूल ने की मांग जमाखोरी पर कार्रवाई हो
तृणमूल कांग्रेस ने प्याज की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सुदीप बंदोपाध्याय ने शून्यकाल के दौरान यह मसला उठाया। उन्होंने कहा कि ईडी के जरिए प्याज की जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई के लिए राज्यों को निर्देश दिए जाएं। नवंबर में प्याज के दाम पिछले साल की तुलना में 64 फीसदी तक बढ़े हैं। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने खुद बाजारों का दौरा किया है।

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  • Web Title:Political War in Parliament Over Onion Price