भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से नहीं हो रही कोई बातचीत : सुले
मुंबई की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी नेताओं और मुख्यमंत्री फडणवीस के बीच मुलाकातें सियासी रणनीति का हिस्सा नहीं थीं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है और पार्टी के विधेयक का समर्थन करने संबंधी मीडिया रिपोर्टें भ्रमित करने वाली थीं।

मुंबई, एजेंसी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बुधवार को अपनी पार्टी के नेताओं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकातों को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ये बैठकें सियासी रणनीति का हिस्सा नहीं थीं। सुले ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने राकांपा (एसपी) के नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ की गई कार्रवाई का मुद्दा उठाने के लिए फडणवीस से आधिकारिक तौर पर मिलने का समय मांगा था। इस बैठक में कुछ भी गुप्त नहीं था। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर मंगलवार देर रात सत्तारूढ़ महायुति में शामिल राकांपा और विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) में शामिल राकांपा (एसपी) के नेताओं के बीच हुई मुलाकातों से महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदलने की अटकलें तेज हो गईं। इससे पहले कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया था कि भाजपा राकांपा (एसपी) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है। चिदंबरम के मुताबिक, यह समर्थन 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए जुटाया जा रहा है। सुले ने राकांपा (एसपी) के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मीडिया पिछले 12 वर्षों से उन्हें मंत्री पद मिलने की भविष्यवाणी कर रहा है।
प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर स्थिति
सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर अभी तक कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधेयक का समर्थन करने संबंधी मीडिया रिपोर्टें अनाम सूत्रों पर आधारित थीं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन अपना रुख तभी तय करेगा, जब केंद्र सरकार संसद में कोई औपचारिक विधेयक पेश करेगी। सुले ने कहा कि जब विधेयक आएगा, तो हम गठबंधन के भीतर इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
राजनीतिक मुलाकातों का संयोग
बारामती से सांसद सुले ने पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दफ्तर में अपने विधायकों के साथ की गई बैठक को लेकर लगाई जा रही अकटलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह घटना महज एक संयोग थी। उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच होने वाली हर मुलाकात को साजिश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पवार ने आठ जुलाई को मुंबई में विधान भवन परिसर में शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की थी। इस बैठक से राजनीतिक अटकलें शुरू हो गईं और सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) ने भी इसकी आलोचना की।


