भाजपा का पदाधिकारी बताकर दो युवकों ने पुलिस अधिकारी के नाम पर लाखों ठगे
संशोधित---आज की सबसे पठनीय खबर है---पेज तीन की लीड---पार्टी पदाधिकारी बताकर दो युवकों ने पुलिस अधिकारी के नाम पर लाखों ठगे25 बीडीएन 29--सिविल ल

बदायूं, संवाददाता। एक राजनीतिक दल का पदाधिकारी बताकर दो युवकों ने कुंवरगांव क्षेत्र के एक व्यक्ति को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाया। पुलिस अधिकारी के नाम पर उससे 1.40 लाख रुपये लिए गए। शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर 1.07 लाख रुपये बरामद किए। मामले में एक अन्य युवक भी नामजद है। रकम 19 और 20 अगस्त को बरेली रोड स्थित दास कॉलेज के सामने पेट्रोल पंप पर दी गई थी।
गिरफ्तारी का विवरण
सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अजय शर्मा निवासी बरातेगदार कोतवाली सिविल लाइंस और अमन उर्फ मयंक शर्मा निवासी मोहल्ला चौबे सदर कोतवाली को गिरफ्तार किया है। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव निवासी संतोष ने तहरीर देकर बताया कि उनके गांव की एक महिला ने विजेंद्रपाल और विनय कुमार पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद वह विजेंद्र और विनय के संबंध में एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे, जहां अपने आप को एक राजनीतिक का पदाधिकारी बताने वाले अजय शर्मा से मुलाकात हुई। अजय ने कहा कि वह विजेंद्र और विनय को दुष्कर्म के मुकदमे से बचा सकता है। उसकी पुलिस के अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है। इसके लिए तीनों आरोपियों ने पुलिस अधिकारी के नाम पर 1.50 लाख रुपये मांगे थे। रकम देने से मना करने पर अजय ने अपने साथी अंकुर उपाध्याय और अमन उर्फ मयंक शर्मा के साथ फोन और वॉयस कॉल कर जेल भिजवाने की धमकी दी। तीनों बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर लोगों पर अपना प्रभाव जमाते और अधिकारियों से करीबी का हवाला देते थे।
रकम की वसूली का विवरण
संतोष ने बताया कि जेल जाने के डर से उनके चाचा विजेंद्र ने 17 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक की कुंवरगांव शाखा से 70 हजार रुपये निकाले। इसके बाद 19 अगस्त को उन्होंने एचडीएफसी बैंक के नवादा स्थित एटीएम से 40 हजार रुपये निकाले। 15 हजार रुपये घर से और 15 हजार रुपये यूपीआई के जरिये जुटाए गए। तहरीर के अनुसार 19 अगस्त को एक लाख रुपये और 20 अगस्त को 40 हजार रुपये बरेली रोड स्थित दास कॉलेज के सामने पेट्रोल पंप पर अजय शर्मा और उसके साथियों को दिए गए। इस तरह कुल 1.40 लाख रुपये दिए गए। शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने अजय शर्मा, अंकुर उपाध्याय और अमन उर्फ मयंक शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अजय से 50 हजार और अमन से 57 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। अजय और अमन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां सोने जेल भेज दिया गया। तीसरे आरोपी अंकुर उपाध्याय की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रभाव दिखाने की रणनीति
आरोपी बड़े नेताओं से लेकर पुलिस अधिकारियों तक के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें लोगों को दिखाकर अपना प्रभाव जताते थे। तस्वीरों के जरिए अधिकारियों और नेताओं से करीबी होने का दावा करते हुए लोगों पर रौब जमाते थे। किसी मामले में मदद कराने या अधिकारियों से सिफारिश कराने की बात कहकर अपना भरोसा कायम करते थे। इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वे लोगों से रकम लेने और काम कराने का दावा करते थे।
खुद को नेताओं का करीबी बताने वाला अमन
अमन उर्फ मयंक शर्मा कई नेताओं का करीबी होने का दावा करता था। वह नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें लोगों को दिखाकर अपना प्रभाव जताता था। किसी मामले में अधिकारियों पर दबाव बनाने और काम कराने की बात कहकर लोगों को भरोसे में लेता था। उसके साथ रहने वाले अन्य लोग भी इसी प्रभाव का हवाला देकर लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग में भी दखल का दावा
तीनों युवक पुलिस के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में भी अपनी पहुंच होने का दावा करते थे। अधिकारियों से करीबी का हवाला देकर लोगों के काम कराने और संबंधित विभागों में सिफारिश कराने की बात कहते थे। नेताओं और अधिकारियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर अपना प्रभाव जताते थे। इसी पहुंच के नाम पर लोगों को भरोसे में लेकर विभिन्न मामलों में मदद कराने का दावा किया जाता था।


