गिद्दी पुल पर श्रेय लेने की राजनीति कर रहे सांसद : शंकर चौधरी
भुरकुंडा में पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने आरोप लगाया कि सांसद मनीष जायसवाल पुल के निर्माण का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पूर्व सांसद जयंत सिन्हा ने इसकी पहल की थी। चौधरी ने सांसद से ठोस प्रयास के सबूत मांगे और अन्य विकास कार्यों में भी सांसद की निष्क्रियता की आलोचना की।

भुरकुंडा, निज प्रतिनिधि। हजारीबाग व रामगढ़ जिला की सीमा निर्धारित करने वाले गिद्दी-दामोदर पुल के निर्माण को स्वीकृति मिलने के बाद इसका श्रेय लेने की सियासत तेज हो गई है। सोमवार को भुरकुंडा में आयोजित प्रेस वार्ता में रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुल निर्माण के लिए वर्षों तक कोई पहल नहीं करने वाले सांसद अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका श्रेय लेने की होड़ में हैं। उन्होंने दावा किया कि पुल निर्माण की पहल पूर्व सांसद जयंत सिन्हा ने की थी और सांसद यदि अपने स्तर से कोई प्रयास किए हैं तो उसका प्रमाण जनता के सामने रखें।
रिवर साइड स्थित सीसीएल रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में शंकर चौधरी ने कहा कि जर्जर गिद्दी-दामोदर पुल को लेकर पूर्व सांसद जयंत सिन्हा सबसे पहले गंभीर हुए थे। उन्होंने पुल के निरीक्षण के बाद 22 सितंबर 2025 को कोल इंडिया के चेयरमैन व 12 नवंबर 2025 को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पुल की मरम्मत और नया पुल निर्माण की मांग की थी। इसके बाद लगातार इस मुद्दे को विभिन्न स्तरों पर उठाया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज पुल निर्माण को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि यदि सांसद मनीष जायसवाल ने पिछले ढाई वर्षों में पुल निर्माण के लिए कोई ठोस पहल की है तो उसका प्रमाण सार्वजनिक करें। बिना किसी योगदान के अब निर्माण कार्य का श्रेय लेने का प्रयास जनता को गुमराह करने जैसा है। पूर्व विधायक ने कुजू से रामगढ़ टायर मोड़ तक प्रस्तावित 14 किलोमीटर फोरलेन सड़क का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस सड़क के निर्माण का दावा किया था, लेकिन आज तक परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी की जमीन पर कब्जा जमाए लोगों को बचाने के कारण इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। शंकर चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद ने माइंस रेस्क्यू भवन में अपना कार्यालय खोल रखा है। कोल इंडिया ने उन्हें किस आधार पर इसकी अनुमति दी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, प्रदूषण और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कभी प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठाई। इससे स्पष्ट होता है कि उनकी प्राथमिकता जनहित के मुद्दे नहीं हैं। प्रेस वार्ता में प्रकाश मिश्रा, नारायण चंद्र भौमिक, देवेंद्र सिंह, रविंद्र शर्मा, दिलीप सिंह, जगतार सिंह, सुमन सिंह, वीरेंद्र सिन्हा, मुकेश पांडेय आदि उपस्थित थे।


