स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की जांच, 32 के चालान
पुलिस ने स्कूल के बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन प्रहार के तहत सख्ती शुरू कर दी है। यातायात पुलिस ने स्कूल बसों और वैन की जांच की, प्राथमिक इलाज किट और अग्निशामक यंत्र की उपलब्धता की पुष्टि की। सभी स्कूल प्रबंधन और चालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। ऑपरेशन प्रहार के तहत यातायात पुलिस ने स्कूली बसों और वैन की चेकिंग कर सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान वाहनों में प्राथमिक उपचार किट और अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता व वैधता परखी गई। साथ ही वाहनों के दस्तावेज, निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों के बैठने और खिड़कियों पर सुरक्षा के लिए अनिवार्य ग्रिल लगी होने की भी जांच की गई। प्रभारी यातायात निरीक्षक अय्यूब अली के नेतृत्व में हुई चेकिंग के दौरान स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को वाहनों में नहीं बैठाने और बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी। पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 32 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इनमें पांच वाहनों के कोर्ट चालान किए गए। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था भंग करने वाले आठ लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति, सुरक्षा और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। शराब पीकर वाहन चलाने, हुड़दंग करने और कानून व्यवस्था हाथ में लेने जैसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है। पुलिस ने अपील की कि कहीं भी हुड़दंग या अशांति की स्थिति दिखाई देने पर तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दें।


