साईं वज्र का प्रहार..पांच दिन में 11 केस दर्ज, 548 संदिग्धों से पूछताछ
रामपुर में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन साईं वज्र अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 332 संदिग्ध बैंक खाते और 164 मोबाइल पहचान की गई हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी में लिप्त 17 आरोपियों के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए हैं और 548 व्यक्तियों से पूछताछ की है।

रामपुर। हाईटेक होते जा रहे साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी है। जिले में साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी के बाद पुलिस ने ऑपरेशन साईं वज्र अभियान चलाया गया है। इस अभियान के जरिए पुलिस डेटा कलेक्शन और तकनीक के सहारे अपराधियों पर पैनी नजर रख रही है। साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई है। जिले में पांच दिन के अंदर 11 केस दर्ज किए गए है। इसमें 17 आरोपियों के नाम शामिल है। जबकि,जांच से 332 खाते एवं 164 मोबाइल संदिग्ध पाए गए। संदिग्ध पाए गए सात मोबाइल और नौ एटीएम शीज कर दिए गए। इसके अलावा पुलिस द्वारा 548 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई हैं。
यह डाटा किया जा रहा तैयार::
रामपुर। ऑपरेशन साईं वज्र के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खातों, यूपीआई आईडी और सोशल मीडिया प्रोफाइल का डेटाबेस तैयार किया जा रहा हैं। साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे खातों और सिम कार्ड की चेन को ट्रेस कर जड़ तक पहुंचा जा रहा है।
यह राज्य बन रहे हब::
रामपुर। इस अभियान के दौरान सामने आ रहा है कि ज्यादातर ठगी झारखंड, राजस्थान और हरियाणा के साइबर हब से हुई है। ऐसे में डेटा एनालिस के जरिए लोकल कड़ी और मनी ट्रांसफर के माध्यमों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से समन्वय बनाकर रियल टाइम जानकारी ली जा रही है।
------
अभियान के मुख्य फायदे
-ठगी गई रकम की वापसी: इस अभियान के तहत एमआरएम और जीआरएम पोर्टल्स का उपयोग करके पीड़ित व्यक्तियों के बैंक खातों में धोखाधड़ी से निकाली गई राशि वापस कराई जाएगी।
-म्यूल अकाउंट्स पर प्रहार: ठग लोगों के बैंक खातों का गलत इस्तेमाल करते हैं। इस अभियान में ऐसे हजारों संदिग्ध बैंक खातों और फर्जी कंपनियों की पहचान कर उन पर रोक लगाई जा रही है।
-संदिग्ध नंबरों और उपकरणों का ब्लॉक होना: साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे लाखों संदिग्ध मोबाइल नंबरों और उपकरणों को ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे उनके नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है।
-अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़: पुलिस टीम इस अभियान के अंतर्गत देश भर में फैले साइबर अपराधियों, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वालों और क्रिप्टो-करेंसी के जरिए पैसा विदेश भेजने वाले गिरोहों को पकड़ रही है।
-साइबर गुलामी से मुक्ति: कई मामलों में युवाओं को नौकरी का लालच देकर फंसाया जाता है। इस अभियान के तहत ऐसे ठिकानों पर छापेमारी कर सैकड़ों युवाओं को साइबर गुलामी से मुक्त कराने का प्रयास है।
-पांच दिन के अंदर 11 केस दर्ज हुए है। 17 आरोपियों के नाम शामिल है। 332 खाते एवं 164 मोबाइल संदिग्ध पाए गए। सात मोबाइल और नौ एटीएम शीज कर दिए गए। इसके अलावा पुलिस द्वारा 548 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई हैं।
-अनुराग सिंह,एएसपी।
सामान्य प्रश्न
इस खबर पर आपकी क्या राय है?


