गोवंश वध कांड में लोहरैया चौकी इंचार्ज समेत 02 पुलिस कर्मी सस्पेंड
संतकबीरनगर, निज संवाददाता। धनघटा क्षेत्र में हुए गोवंश वध जैसी संवेदनशील घटना को लेकर

संतकबीरनगर, निज संवाददाता। धनघटा क्षेत्र में हुए गोवंश वध जैसी संवेदनशील घटना को लेकर एसपी संदीप कुमार मीना ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने बीट पुलिसिंग में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने पर लोहरैया चौकी इंचार्ज वीर बहादुर यादव और बीट आरक्षी प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि एसओ दिलीप सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है।
घटना का विवरण
धनघटा क्षेत्र के खजूर टिकरा गांव के रहने वाले अजय ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि 09 सितंबर 2026 की रात करीब 09 बजे उसकी दादी व बहन मोहिनी छप्पर के बाहर लेट कर आपस में बातचीत कर रही थीं। उसी दौरान मैली गांव के जहूर, सद्दाम व महबूब और उसका 09 माह का बछड़ा रस्सी खोल कर ले जाने लगे। बहन के मना करने बावजूद लोग बछड़े को उठा ले गए। बछड़े की तलाश के दौरान देखा कि आरोपियों के घर के सामने कुत्ते मांस खा रहे थे। उसे पत चला कि तीनों आरोपियों ने उसके बछड़े को काट कर मांस बेचने के लिए घर में रखे है। इसकी सूचना तत्काल 112 नंबर और धनघटा पुलिस को दी। पुलिस ने 10 सितंबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। एसपी संदीप कुमार मीना ने गोवध जैसी गंभीर घटना की जांच सीओ धनघटा अभयनाथ मिश्रा को सौंप कर रिपोर्ट मांगी।
जांच रिपोर्ट और निलंबन
सीओ की जांच में चौकी इंचार्ज लोहरैया वीर बहादुर यादव और बीट सिपाही प्रवीण कुमार की अपने क्षेत्र की प्रभावी निगरानी एवं बीट पुलिसिंग व सतर्कता में कमी परिलक्षित पाई गई। इनके जरिए यदि नियमित एवं प्रभावी निगरानी की गई होती तो उक्त घटना को घटित होने से रोका जा सकता था। सीओ ने अपनी जांच में पाया कि अपराध नियंत्रण, अपराधियों की सतत निगरानी, प्रभावी बीट पुलिसिंग और संवेदनशील अपराधों की रोकथाम को लेकर लगातार स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद चौकी लोहरैया क्षेत्र में गोवध की गंभीर घटना सामने आई। प्रारंभिक जांच में संबंधित चौकी प्रभारी वीर बहादुर यादव व बीट सिपाही प्रवीण कुमार की ओर से कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता पाई गई। जबकि एसओ दिलीप सिंह ने गंभीर घटना के घटित होने पर थाना स्तर पर बीट व्यवस्था एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की निगरानी एवं प्रभावी पर्यवेक्षण ठीक ढंग से नहीं की है। जिसके कारण ऐसी घटना घटित हुई और आम जनता में प्रतिकूल संदेश गया तथा पुलिस की क्षवि भी धूमिल हुई। सीओ ने एसओ, चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही के खिलाफ प्रारंभिक जांच किए जाने की संस्तुति की।
सीओ धनघटा की कार्रवाई
सीओ धनघटा की जांच रिपोर्ट के आधार पर चौकी इंचार्ज लोहरैया वीर बहादुर यादव और बीट सिपाही प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि एसओ दिलीप सिंह समेत तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ सीओ मेंहदावल को प्रारंभिक जांच सौंपी गई है। निलंबन अवधि में दोनों पुलिसकर्मी पुलिस लाइन से संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संदीप कुमार मीना, एसपी


