हापुड़ के दरोगा की लखनऊ में संदिग्ध हालत में मौत
थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रगढ़ी निवासी दरोगा अजय कुमार का शव लखनऊ में उनकी कार में मिला है। यह हादसा सूचना मिलने पर परिजन तुरंत लखनऊ पहुंचे। अजय की शादी करीब सात साल पहले कोमल से हुई थी, और उनके दो बच्चे भी हैं। अजय का शव पोस्टमार्टम के बाद हापुड़ लाया जाएगा।

थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रगढ़ी निवासी दरोगा अजय कुमार की लखनऊ में उनकी कार में शव मिला है। इसकी सूचना मिलने पर परिजन में कोहराम मच गया। आनन फानन में वह लखनऊ के लिए रवाना हो गया। बताया गया कि देर रात तक उनका पार्थिव शरीर यहां पहुंचेगा। मृतक दरोगा लखनऊ के गाजीपुर थाने में तैनात थे। जानकारी के अनुसार थाना हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रगढ़ी निवासी दरोगा अजय कुमार पिछले करीब चार साल से लखनऊ में तैनात था। हाल में वह लखनऊ के गाजीपुर थाने में तैनात थे। शुक्रवार की दोपहर को अजय कुमार का शव उनकी कार में मिला। इसकी सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस में अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने परिजन को अजय की मौत के बारे में सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन में कोहराम मच गया。
अजय की पारिवारिक जानकारी
बताया गया कि अजय की करीब सात साल पहले कुचेसर रोड चौपला निवासी कोमल से शादी हुई थी। उसके दो बच्चे अथर (5 वर्ष) और अदविक (4 वर्ष) हैं। अजय के साथ उसकी पत्नी और बच्चे भी लखनऊ में रहते थे, लेकिन पिछले करीब एक माह से वह यहां आए हुए थे।
शोक की लहर
अजय की मौत की सूचना मिलने पर उसकी पत्नी और अन्य परिजन लखनऊ पहुंचे। जहां पोस्टमार्टम के बाद अजय का शव लेकर हापुड़ के लिए रवाना हो गए। बताया गया कि देर रात तक अजय का पार्थिव शरीर यहां पहुंच जाएगी। वहीं अजय की मौत की सूचना मिलने पर मोहल्ले और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


