अररिया में नाबालिग से शादी रचाने आया कश्मीरी युवक धराया
अररिया के एक नाबालिग की शादी रोकने के लिए पुलिस ने कश्मीर के युवक को गिरफ्तार किया। सोशल एक्टिविस्ट की शिकायत पर बाल विवाह को रोकने के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। लड़की को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

अररिया,निज संवाददाता अररिया शहर की एक नाबालिग से शादी रचाने आया कश्मीरी युवक को उनके साथी के साथ पुलिस ने पकड़ा है। दरअसल शहर के रिहायशी इलाके में एक नाबालिग का बाल विवाह सोशल एक्टिविस्ट की सूचना पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और नगर थाना पुलिस के संयुक्त प्रयास रोका गया। पुलिस ने नाबालिग और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से शादी के लिए आए 35 वर्षीय युवक व उनके साथी को हिरासत में ले लिया है। दोनों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा ने बताया कि एक सोशल एक्टिविस्ट की चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज शिकायत के आधार पर इसकी जानकारी मिली।
शिकायत में एक नाबालिग की शादी जम्मू-कश्मीर के एक वयस्क व्यक्ति से कराए जाने की बात कही गई थी।शिकायत मिलने के बाद टीम गठित कर पुलिस के साथ मिल कर बाल विवाह को रोका गया और दोनों को रिकवर किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने बताया कि वह जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है। उसने दावा किया कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे और परिवार की सहमति से शादी करने के लिए यहां आए थे।सीडब्ल्यूसी की टीम लड़की के स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य की देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। लड़की को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना की गहन जांच की जा रही है। यदि परिवार वालों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। जम्मू-कश्मीर से बिहार तक फैले इस अंतरराज्यीय बाल विवाह प्रकरण ने एक बार फिर बाल संरक्षण कानूनों की सख्ती से पालन करने की जरूरत पर जोर दिया है। एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


