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सबरीमाला मंदिर का पट खुला, पुलिस ने 10 महिलाओं को वापस लौटाया

केरल के सबरीमाला मंदिर को मंडला पूजा के लिए शनिवार की शाम 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। भारी सुरक्षा के बीच खोले गए सबरीमाला मंदिर में इस बार शांति है। हालांकि शनिवार को केरल पुलिस...

Police personnel sought proof of age as some elderly women began the trek amid a heavy rush of devotees in the base camp of Pambha, which is 5km away from the temple dedicated to Lord Ayyappa. (Vivek R Nair/HT Photo )
1/ 2Police personnel sought proof of age as some elderly women began the trek amid a heavy rush of devotees in the base camp of Pambha, which is 5km away from the temple dedicated to Lord Ayyappa. (Vivek R Nair/HT Photo )
Police has sent back 10 women from Pamba before open Sabarimala Temple
2/ 2Police has sent back 10 women from Pamba before open Sabarimala Temple
लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 16 Nov 2019 06:41 PM
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केरल के सबरीमाला मंदिर को मंडला पूजा के लिए शनिवार की शाम 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। भारी सुरक्षा के बीच खोले गए सबरीमाला मंदिर में इस बार शांति है। हालांकि शनिवार को केरल पुलिस ने 10 महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में अंदर जाने से रोक दिया है। रल पुलिस ने इन श्रद्धालुओं के पहचान पत्र को देखने के बाद सबरीमाला मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया। 

यह वाकया उस वक्त सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी को हटा रखा है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला पर 28 सितंबर 2018 के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है, जिसको 7 न्यायमूर्तियों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया है कि अगले फैसले तक सबरीमाला में सभी उम्र की महिलाओं का प्रवेश जारी रहेगा।

मंदिर का पट लगभग तीन महीने, 20 जनवरी तक खुला रहेगा। मंदिर का पट खुलने से पहले कुछ महिला कार्यकर्ताओं की ओर से मंदिर में प्रवेश करने और पूजा करने की धमकी दी गई है। राज्य सरकार ने कहा है कि उसने महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान नहीं की है, लेकिन कई कार्यकर्ताओं ने मंदिर में प्रवेश करने की अपनी योजना के बारे में बाताया है। हिं

दू संगठनों की शीर्ष संस्था सबरीमाला कर्म समिति ने कहा कि अगर वे मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करती हैं उन्हें रोक दिया जाएगा। भूमाता ब्रिगेड के नेता तृप्ती देसाई और चेन्नई स्थित समूह मैनिटि संगम ने मंदिर में पूजा करने की अपनी योजना की घोषणा की है। उनके अलावा, 45 महिला श्रद्धालुओं ने मंदिर के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्शन के लिए आवेदन किया है।

सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी और तंत्री महेश कंडाराऊ शाम 5 बजे मंदिर का दरवाजा खोलेंगे और तीर्थयात्रियों को दोपहर में मंदिर तक जाने की अनुमति होगी। वहीं पतनमथिट्टा कलेक्टर ने कहा कि हमने सभी इंतजान किए हैं। इस बार को निषेधात्मक आदेश नहीं हैं। लेकिन हम परेशानी पैदा करने वालों से मजबूती से निपटेंगे।

गौरतलब रहे कि मंदिर का पट खुलने से दो दिन पहले यानि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमाला मंदिर और अन्य धार्मिक स्थानों पर महिलाओं के प्रवेश के मामले को सात सदस्यीय पीठ के पास भेज दिया है। पांच सदस्यीय पीठ ने 3:2 के बहुमत में सबरीमाला मामला बड़ी पीठ को भेजा। न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन और डी.वाई. चंद्रचूड़ ने असहमति जताई, वहीं मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा और न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने के पक्ष में थे।

हालांकि 28 सितंबर 2018 को दिए गए निर्णय पर कोई रोक नहीं लगी है, जिसमें 10 से 50 साल आयुवर्ग के बीच की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया था। इस आदेश के अनुसार, इस मुद्दे पर बड़ी पीठ का आदेश आने तक किसी भी आयुवर्ग की महिला मंदिर में प्रवेश कर सकती है।
पिछले फैसले पर रोक नहीं

 

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