गोरखपुर: पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी का आरोप, सिपाही पर केस दर्ज
गोरखपुर में एक सिपाही पर अपनी पहली पत्नी के बिना तलाक दूसरी शादी करने का आरोप है। पत्नी का कहना है कि पति ने खर्च देना बंद कर दिया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

गोरखपुर प्रमुख संवाददाता। गोरखपुर में तैनात एक सिपाही पर पहली पत्नी के जीवित रहते बिना तलाक दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। सिपाही की पत्नी ने आरोप लगाया कि पति दूसरी महिला के साथ रहने लगे हैं और परिवार का खर्च देना भी बंद कर दिया है। इससे उनके 14 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटे की स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी और दोनों की पढ़ाई छूट गई। पत्नी ने मारपीट और अभद्रता का भी आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने शनिवार रात सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के मिश्रपुरा निवासी बिंदू यादव (35) ने गोरखपुर एसएसपी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2010 में सुनील कुमार यादव से हुई थी। सुनील 2005-06 बैच के आरक्षी हैं और वर्तमान में गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र में डायल 112 में तैनात हैं। शादी के बाद से बिंदू अपने ससुराल में बच्चों के साथ रह रही हैं。
दूसरी शादी का आरोप
बिंदू का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से उनके मोबाइल पर एक महिला फोन करती है। वह खुद को सुनील की पत्नी बताते हुए कहती है कि सुनील ने उससे शादी कर ली है और दोनों गोरखपुर में साथ रह रहे हैं। पत्नी ने उस महिला के बारे मेंजानकारी जुटाने का भी दावा किया है।
खर्च बंद होने से बच्चों की पढ़ाई छूटी
महिला ने आरोप लगाया कि दूसरी शादी के बाद पति ने परिवार से दूरी बना ली। घर का खर्च मांगने पर मारपीट और अभद्रता करते हैं। पति ने खर्च देना बंद कर दिया है, जिससे दोनों बच्चों की फीस नहीं जमा हो पाई और उनकी पढ़ाई छूट गई। खाने-पीने तक के लिए परेशानी होने का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि पति अब घर भी नहीं आते और फोन करने पर बात नहीं करते हैं। बिंदू ने पुलिस से मांग की है कि मामले में कार्रवाई करते हुए पति को पत्नी और बच्चों के साथ रखने का निर्देश दिया जाए। साथ ही दूसरी महिला के हस्तक्षेप से परिवार को बचाया जाए। महिला थाना प्रभारी सुनीता सिंह ने बताया कि सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。


