अपराधियों का दूसरा मोबाइल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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अपराधियों के पास दो या अधिक मोबाइल रखने का चलन पुलिस के लिए नई चुनौती बन रहा है। अलग-अलग मोबाइल का उपयोग सामान्य बातचीत और अपराध की साजिश के लिए किया जा रहा है। पुलिस संदिग्धों के कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है ताकि अपराध की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

अपराधियों का दूसरा मोबाइल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

अपराधियों के पास एक के बजाय दो से ज्यादा मोबाइल रखने का चलन पुलिस के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कई अपराधी सामान्य बातचीत के लिए अलग मोबाइल रखते हैं, जबकि अपराध की साजिश और साथियों से संपर्क के लिए दूसरे मोबाइल और सिम का इस्तेमाल करते हैं। घटना के बाद इस सिम को बदल देने या नंबर बंद कर देने से पुलिस के सामने जांच की कड़ियां जोड़ना मुश्किल हो जाता है। अपराध से पहले दूसरे मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क करने के बाद अपराधी घटना पूरी होते ही सिम बदल देते हैं। इससे उनके बीच हुए संपर्क और बातचीत का तत्काल पता लगाना आसान नहीं होता। अब पुलिस ऐसे मामलों में अपराध से पहले और बाद की मोबाइल गतिविधियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है。

गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल से मिल रहे नए संपर्क

गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को उनके गैंग और सहयोगियों से जुड़े नए नंबर मिल रहे हैं। मोबाइल में सेव नंबर, कॉल हिस्ट्री और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस संदिग्ध संपर्कों की पहचान कर रही है। इसके बाद इन नंबरों की गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सीडीआर और लोकेशन से जोड़ी जा रहीं कड़ियां

घटना के बाद पुलिस संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है। अपराध से पहले और घटना के बाद मोबाइल की गतिविधियों का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध किस-किस व्यक्ति के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियां किन क्षेत्रों में थीं। इससे जांच टीम को अपराध की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल रही है।

दो मोबाइल रखने वालों का रिकॉर्ड तैयार होगा

पुलिस अब ऐसे अपराधियों का अलग रिकॉर्ड तैयार करने की तैयारी में है, जिनके पास दो या उससे अधिक मोबाइल नंबर पाए गए हैं। पुराने मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा की भी समीक्षा की जा सकती है। पुलिस का मानना है कि इससे अपराधियों के वैकल्पिक नंबरों और उनके संपर्क नेटवर्क की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य की वारदात में ऐसे नंबरों की निगरानी कर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦पुलिस कैसे जांच कर रही है?−
पुलिस संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है।
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