कांवड़ लाने और प्रैक्टिस के लिए निकले थे रोहतक के युवक
साइड स्टोरी: गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए युवकों को कुख्यात दीपक नांदल गैंग के शार्प शूटर बता रही है, उनके परिजनों ने इस पू

पुलिस एनकाउंटर में मारे गए युवकों को कुख्यात दीपक नांदल गैंग के शार्प शूटर बता रही है, उनके गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। मुठभेड़ में मारे गए शूटरों के परिजनों ने पुलिस की पूरी कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस असली और बड़े गैंगस्टरों को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे गैंगस्टरों द्वारा बहकाए गए नादान और बिना आपराधिक इतिहास वाले बच्चों का एनकाउंटर किया जा रहा है।
मृतकों की पहचान
रोहतक के भालोट गांव के रहने वाले तीन युवक अंकित, आर्यन और नितिन-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। बुधवार को घर से बेहद सामान्य तरीके से निकले इन youths की शुक्रवार सुबह मौत की सूचना मिलने पर वह काफी परेशान हैं।
परिजनों के सवाल
परिजनों का सवाल है कि जिन बच्चों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, वे रातों-रात गुरुग्राम कैसे पहुंच गए और पुलिस ने उन्हें जिंदा पकड़ने के बजाय सीधे गोली क्यों मारी? । परिजनों ने कहा कि वह बच्चो को एक अवसर जरूर देना चाहिए था। वहीं, रोहतक के भालोट गांव के तीन घरों के चिराग एक साथ बुझने से काफी गमगीन है।
अंकित की कहानी
कांवड़ लेने का कहकर निकला था इकलौता भाई अंकित
17 वर्षीय अंकित की कहानी बेहद मार्मिक है। उसके पिता अनिल अमूल कंपनी में ठेकेदार के अधीन मामूली मजदूरी करते हैं। अंकित परिवार का इकलौता बेटा था और चार बहनों का अकेला भाई थी। आठवीं के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और देहाड़ी मजदूरी कर पिता का हाथ बंटाता था। बुधवार को उसने अपनी मां से कहा था,मैं दोस्तों के साथ हरिद्वार कांवड़ लेने जा रहा हूं। पिता के अनुसार अंकित का कभी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा। वह दोस्तों के साथ कांवड़ लेने के बजाय गुरुग्राम कैसे पहुंचा, परिवार इस बात से पूरी तरह सदमे में है।
आर्यन का किस्सा
जेवलिन खिलाड़ी आर्यन आइस बाथ लेने गया, फिर नहीं लौटा
12वीं कक्षा का छात्र आर्यन भी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी सिर्फ चचेरी बहन है। आर्यन पिछले दो साल से जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) का नियमित अभ्यास कर रहा था। बुधवार को वह ग्राउंड से लौटा और खेल की थकान मिटाने के लिए आइस बाथ (बर्फ के पानी से स्नान) लेने की बात कहकर निकला। इसी दौरान वह अपनी बाइक ठीक कराने नितिन के पास गया था। आर्यन का मोबाइल बंद आने पर पिता प्रदीप ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर टाल दिया कि जल्द ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करेंगे। आर्यन का भी कोई अपराधित रिकॉर्ड नहीं था।
नितिन का मामला
पहले झूठे केस में फंसाया
तीसरे युवक नितिन के पिता संजय ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। संजय का कहना है कि पुलिस ने नितिन को पहले भी एक होटल से उठाकर पुलिस पर फायरिंग के झूठे केस में फंसाया था, जिसमें वह नौ महीने जेल में रहा। पांच महीने पहले हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आने के बाद नितिन ने अपनी जिंदगी सुधारने के लिए बाइक ठीक करने की दुकान खोल ली थी। बुधवार को वह भी बिना बताए गायब हो गया। परिवार ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
एनकाउंटर के परिणाम
शूटरों को चार से सात गोलियां लगीं
बोर्ड के डॉक्टर दीपक माथुर ने बताया कि ललित चौपड़ा के साथ दो टीमों ने एनकाउंटर में मारे गए चार शूटरोां का पोस्टमार्टम हुआ। सभी को चार से सात गोलियां लगी थी और कुल मिलाकर 21 गोलियां लगी थी। सभी को दस से 12 फीट की दूरी से ही फायरिंग की गई थी,सभी के शरीर से गोलियां आरपार थी। ज्यादा खून बहने की वजह से मौत हुई। सभी का विसरा के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया और सभी के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।


