मेरठ जा रहे सांसद चंद्रशेखर की गाड़ियों को रोहाना टोल प्लाजा पर रोकने पर हुआ हंगामा
देवबंद के रोहाना टोल प्लाजा पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के काफिले को मुजफ्फरनगर पुलिस ने रोका। आजाद और पुलिस में तीखी नोकझोक हुई। स्थानीय पुलिस ने भीम आर्मी के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया। आजाद ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई और कहा कि संघर्ष जारी रहेगा।

देवबंद-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर उस समय हंगामा हो गया जब सहारनपुर से मेरठ जा रहे भीम आर्मी प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ चल रही काफिले की कुछ गाड़ियों को मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा रोक लिया गया। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद और पुलिस में तीखी नोकझोक हुई। हालांकि देवबंद पुलिस ने भी स्थानीय भीम आर्मी के पदाधिकारियों को काफिले में शामिल होने से पूर्व ही हाऊस अरेस्ट कर लिया था। मेरठ हुए प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार दोपहर रोहाना टोल प्लाजा होते हुए मेरठ जा रहे थे।
जैसे ही उनकी गाड़ी टोल प्लाजा से निकली तभी उनके साथ चल रही कई गाड़ियों को मुजफ्फरनगर पुलिस कोतवाल धर्मवीर सिंह के नेतृत्व ने पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। मामले की जानकारी मिलने पर चंद्रशेखर आजाद पुन: टोल पर लौटे और उनकी गाड़ी रोकने वाले कोतवाल से बहस होने लगी। कोतवाल ने उन्हें सुरक्षा कारणो का हवाला दिया तो तभी सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उक्त मामले को मेरठ पहुंच पुलिस के उच्चाधिकारियों के सामने उठाने की बात कही। जिसके बाद उनके काफिले को रवाना कर दिया गया। उधर, भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के तहसील अध्यक्ष डा. नरेंद्र लांबा सहित अन्य कार्यकर्ताओं को भी स्थानीय पुलिस प्रशासन ने गांव असदपुर करंजाली पहुंच हाउस अरेस्ट कर लिया। डा. नरेंद्र लांबा ने कहा कि वह भीम आर्मी के साथियों के साथ मेरठ जाने की तैयारी कर रहे थे इसी दौरान उनके घर पहुंची पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। कहा कि संघर्ष ही भीम आर्मी का रास्ता है और न्याय ही लक्ष्य है। इसलीए प्रशासन चाहे जितने हथकंडे अपना ले भीम आर्मी का कार्यकर्ता झुकने वाला नहीं है।


