रिंग रोड गोलीकांड में 15 हजार इनामी एक गिरफ्तार, दो अभी भी फरार
रिंग रोड पर शराब ठेके के पास तीन जुलाई को हुए गोलीकांड में शामिल 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश ओमप्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना में पांच राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। घटना के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिन पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है।

रिंग रोड पर शराब ठेके के पास बीते तीन जुलाई को हुए गोलीकांड में शामिल 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का देसी तमंचा भी बरामद कर लिया है। हालांकि, वारदात में शामिल दो सूत्रधार अभी भी फरार हैं। बीते तीन जुलाई की रात को पुरानी रंजिश के चलते रिंग रोड पर दो गुटों आमना सामने होने पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। घटना में नवीन राणा और कमेंद्र शर्मा को गोली लगी। मामले में नवीन के परिचित दिवाकर खंडूड़ी की तहरीर पर चार जुलाई को पुलिस ने जानलेवा हमले का केस दर्ज किया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। उनसे पूछताछ के दौरान बिजनौर निवासी ओमप्रकाश उर्फ ओमपाल उर्फ कपिल पुत्र जयप्रकाश निवासी मंडौरी, थाना नेहटौर, बिजनौर का नाम सामने आया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार फरार चल रहा था। जिसके चलते उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीम ने मैनुअल सुरागरसी और मुखबिर तंत्र की मदद से रविवार रात को उसे सिक्यूआई रायपुर के करीब से गिरफ्तार किया।
दो मुख्य इनामी शूटरों की तलाश में लगातार दबिश
इस वारदात के दो मुख्य आरोपी निपेंद्रऔर अक्षय प्रधान दोनों निवासी ग्राम बाहुपुरा, थाना कीरतपुर बिजनौर, यूपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन दोनों आरोपियों पर भी पुलिस ने 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। एसओ रायपुर संजीत कुमार ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी को थाना पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Ankit Kumar Chaudharyशॉर्ट बायो : अंकित कुमार चौधरी पिछले 15 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में विश्वसनीय और अनुभवी नाम हैं। वर्तमान में वह HT Group के दैनिक हिन्दुस्तान में देहरादून में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव:
अंकित चौधरी उत्तराखंड की क्राइम रिपोर्टिंग में एक प्रतिष्ठित नाम है। वर्ष 2011 में देहरादून से प्रत्रकारिता की शुरुआत की। अंकित ने क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, जिला प्रशासन और रक्षा (डिफेंस) जैसे चुनौतीपूर्ण और गंभीर बीट्स पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। पत्रकारिता के प्रति उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है। वे केवल समाचार रिपोर्ट नहीं करते, बल्कि उन 'ऑफबीट' और मानवीय संवेदनाओं वाली कहानियों को खोजने में विश्वास रखते हैं जो अक्सर मुख्यधारा की सुर्खियों से दूर रह जाती हैं।
कॅरियर का सफर
अंकित ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2011 में 'हिन्दुस्तान' के साथ बतौर रिपोर्टर की थी, जहां उन्होंने शुरुआती दौर में परिवहन और मंडी जैसी बीट से मुख्यधारा की पत्रकारिता में कदम रखा। इसके बाद 2013 से 2014 तक 'अमर उजाला' में रहते हुए उन्होंने क्राइम रिपोर्टिंग की बारीकियां सीखीं। 2014-15 में 'आईनेक्स्ट' (दैनिक जागरण समूह के दैनिक बाइलिंगुअल ) में सब-एडिटर के रूप में डेस्क और फील्ड का अनुभव लेने के बाद मई 2015 में पुनः 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। पिछले नौ वर्षों से वे इसी संस्थान में अपराध,सीबीआई, कोर्ट, ईडी, विजिलेंस, जेल, डिफेंस फोर्सेस और प्रशासन जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अंकित ने पश्चिमी यूपी से स्कूलिंग के बाद देहरादून से बीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है और वर्ष 2022 में रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठित 'डिफेंस कॉरेस्पोंडेंट कोर्स' को किया है। उनका पेशेवर सफर अमर उजाला और आईनेक्स्ट जैसे संस्थानों से होकर गुजरा है, जिससे उन्हें जमीनी रिपोर्टिंग और संपादकीय बारीकियों की गहरी समझ मिली है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध रिपोर्टिंग
बीबीए और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण अंकित मैनेजमेंट और पत्रकारिता का संयोजन हैं। पश्चिमी यूपी मूल के चलते अपराध की समझ भी बेहतर है। इसी वजह से बीट पर कमांड होने के साथ एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरियां लिख रहे हैं
एंटरटेनमेंट और विजन
अंकित का मानना है कि आधुनिक युग में तकनीकी पकड़ के साथ रिपोर्टिंग के विषयों की बुनियादी समझ होना जरुरी है। अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच, अंकित स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं। सुबह व्यायाम करना पसंद है। उन्हें यात्रा करना और खाली समय में पुस्तकें पढ़ना पसंद है। क्रिकेट खेलना और देखना पसंद करते हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, ईडी, सेना और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्टिंग के साथ एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।
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