परिजनों को हिरासत में रखने का आरोप
ग्रेटर नोएडा में प्रेम विवाह करने वाले एक युवक के परिजनों को पुलिस ने तीन दिन तक अवैध हिरासत में रखा और पांच लाख रुपये की मांग की। महिला ने पुलिस आयुक्त को शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि पुलिस ने परिजनों के साथ मारपीट की। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया।

ग्रेटर नोएडा, ब्रिजेश कुमार। प्रेम विवाह करने वाले एक युवक के परिजनों को पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में रखने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिजनों को तीन दिन तक चौकी में रखा गया और छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग की गई। हालांकि, पुलिस ने आरोप को निराधार बताया है। सूरजपुर निवासी एक महिला ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में बताया कि उनके छोटे बेटे ने प्रेम प्रसंग के चलते हाथरस निवासी एक युवती से 20 अगस्त को आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया है। इसके बाद दोनों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का पंजीकरण भी कराया।
महिला का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी शादी से खुश हैं। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने युवक के परिजनों को अवैध रूप से हिरासत में रखा और उनके साथ मारपीट की। इस दौरान पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में सूरजपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि युवती के पिता की लिखित तहरीर पर पांच सितंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान युवक के मोबाइल की सीडीआर के आधार पर उसके दो परिजनों को पूछताछ के लिए लाया गया था। पूछताछ के बाद दोनों को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस पर अवैध हिरासत में रखने का आरोप निराधार है।


