नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
गाजियाबाद की पाक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी विष्णु सैनी की पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश नीरज गौतम ने मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग होने को ध्यान में रखते हुए राहत देने से इनकार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

गाजियाबाद, प्रमुख संवाददाता। पाक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी विष्णु सैनी की पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीरज गौतम ने मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग होने को देखते हुए राहत देने से इन्कार कर दिया। अभियोजन के अनुसार, विजयनगर थाना क्षेत्र की करीब 15 वर्षीय किशोरी 4 मई 2026 को घर से लापता हो गई थी। आरोप है कि विष्णु सैनी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बचाव पक्ष ने एफआईआर में देरी, पीड़िता की उम्र 19-20 वर्ष होने का दावा और आरोपी का आपराधिक इतिहास न होने का हवाला देकर जमानत की मांग की।
वहीं, अभियोजन ने स्कूल अभिलेखों के आधार पर पीड़िता की जन्मतिथि 11 अगस्त 2012 बताते हुए उसे नाबालिग बताया। अदालत ने गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।


