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PNB स्कैम: एक कर्मचारी के रिटायरमेंट से सामने आया सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला

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पंजाब नेशनल बैंक में देश का बड़ा बैंकिंग घोटाला हुआ है। ये घोटाला करीब साढ़े 11000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इस घोटाले में कारोबारी नीरव मोदी का नाम सामने आया है। घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया। पीएनबी ने गुरुवार को कहा कि यह घोटाला 2011 से ही चल रहा था। इसका पता इस साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में चला। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2011 से चल रही इस धांधली का कैसे पता चला। यहां जानिए कि कैसे ये हेराफेरी सबसे सामने आई-

आमतौर पर किसी भी बैंक में कम से कम दो कर्मचारी ट्रांजैक्‍शन को अथॉराइज करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में नीरव मोदी और उनके सहयोगी पीएनबी में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए आए तो पीएनबी के कर्मचारियों ने उनको एलओयू जारी कर दिया। नियम के तहत पीएनबी को इस एलओयू को बैंक की बुक में दर्ज करना चाहिए था यानी बैंक के कोर बैंकिंग सिस्‍टम में दर्ज करना चाहिए था। लेकिन कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया। 

क्या है लेटर ऑर अंडरटेकिंग यानी एलओयू 
लेटर ऑफ अंडरटेकिंग किसी अंतरराष्ट्रीय बैंक या किसी भारतीय बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखा की ओर से जारी किया जाता है। इस लेटर के आधार पर बैंक, कंपनियों को 90 से 180 दिनों तक के शॉर्ट टर्म लोन मुहैया कराते हैं। इस लेटर के आधार पर कोई भी कंपनी दुनिया के किसी भी हिस्से में राशि को निकाल सकती है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर आयात करने वाली कंपनियां विदेशों में भुगतान के लिए करती हैं। लेटर ऑफ अंडरटेकिंग किसी भी कंपनी को लेटर ऑफ कम्फर्ट के आधार पर दिया जाता है। लेटर ऑफ कम्फर्ट कंपनी के स्थानीय बैंक की ओर से जारी किया जाता है।

कर्मचारियों ने स्विफ्ट फार्मेट में कोडेड मैसेज दूसरे बैंक को जारी कर दिया। और इसके साथ ही पार्टी ने अपने लिए भी इलेक्‍ट्रॉनिक मैसेज जारी करा लिया। जारी होने के बाद इन एलओयू की जानकारी स्विफ्ट कोड मैसेजिंग के जरिए सभी जगह भेज दी गई। इन एलओयू को नीरव मोदी ने विदेशों में अलग अलग सरकारी और निजी बैंक की शाखाओं से भुना लिया। भुनाई हुई राशि करीब 11000 करोड़ रुपए की थी।

नियम के अनुसार किसी पार्टी को एलओयू जारी करने से पहले उसकी लिमिट देखी जानी चाहिए थी। इस मामले में नीरव मोदी के पास कोई लिमिट नहीं थी। जब पीएनबी का एक कर्मचारी रिटायर हो गया और उसकी जगह पर दूसरा कर्मचारी आया तो उसने देखा कि इस पार्टी को बिना लिमिट के ही एलओयू जारी किया जा रहा है। 

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  • Web Title:PNB scam: The biggest banking scam that came out of an employee retirement