शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दे पीएम - राहुल
शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दे पीएम - राहुल- खरगे की रैली स्थल का शुद्धिकरण छुआछूत का मामला, एससी एसटी एक्ट में हो मामला दर्ज- शुद्धिकरण के लिए भाजपा और एसएसएस की विचारधारा को भी...

शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दे पीएम - राहुल - खरगे की रैली स्थल का शुद्धिकरण छुआछूत का मामला, एससी एसटी एक्ट में हो मामला दर्ज
- शुद्धिकरण के लिए भाजपा और एसएसएस की विचारधारा को भी ठहराया जिम्मेदार
शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली विशेष संवाददाता
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों के चुनाव से पहले कांग्रेस ने छुआछूत को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा वाली जगह किए गए शुद्धिकरण समारोह का उल्लेख करते हुए इसे एक अपराध करार देते हुए इसके लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया है।
राहुल गांधी की मांग
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर जमकर निशाना साधा। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद उस जगह के शुद्धिकरण समारोह का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे दो विचारधाराओं की लड़ाई करार देते हुए प्रधानमंत्री से इस मामले में फौरन मामला दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि शुद्धिकरण करना एक अपराध है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में रैली के बाद दस अगस्त को उस स्थान का शुद्धिकरण किया गया और 13 अगस्त को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि उनका अपमान हुआ है, पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इसे एससी एसटी एक्ट का उल्लंघन करार देते हुए शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दलितों के खिलाफ भेदभाव
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने इस घटना को भाजपा आरएसएस की सोच से जोड़ते हुए कहा कि यह लोग नहीं चाहते कि दलित तरक्की करें, सम्मान के साथ जिएं और सफल हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दावा है कि वह हर जाति से ताल्लुक रखते हैं, वह पूरे देश के प्रधानमंत्री है पर उनकी पार्टी के प्रमुख का कहना है कि शुद्धिकरण सही था। ऐसे में गेंद अब उनके पाले हैं। हम चाहते हैं कि पीएम एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे।
राहुल गांधी ने मंच पर चार तस्वीर दिखाते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि किस तरह छुआछूत की जाती है। उन्होंने कहा कि हजारो वर्षों से देश में दलितों पर अत्याचार और हिंसा की गई है। संविधान में यह गैर कानूनी है, पर आज भी स्कूलों, सार्वजनिक कुएं, चाय की दुकानों और दलितों की शादी ब्याह में यह देखने को मिलता है। उन्होंन कहा कि दलितों की जितनी बड़ी आवाज होती है, उन पर उतना बड़ा हमला किया जाता है।
उपरोक्त मुद्दों पर अन्य टिप्पणियाँ
दलित अपमान के मुद्दे पर राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का भी जिक्र करते है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी जब मंदिर गए थे, तब भी मंदिर का शुद्धिकरण किया गया था। शुद्धिकरण को छुआछूत का दूसरा नाम करार देते हुए उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत फौरन मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
बॉक्स
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित सात राज्यों में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में राहुल गांधी ने शुद्धिकरण के पूरे विवाद को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के व्यक्तिगत अपमान का मामला नहीं मानते हुए इसे पूरे दलित समाज से जोड़ दिया है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को दलितों के प्रति सामाजिक भेदभाव और संविधान में दिए समानता से अधिकार से जोड़ा है। उनके मुताबिक शुद्धिकरण छुआछूत की मानसिकता को दर्शाती है और संविधान छुआछूत को खत्म कर चुका है। ऐसे में राहुल गांधी ने वर्ष 2024 की तरह विधानसभा में संविधान को केंद्र में रखकर रणनीति बनानी शुरु कर दी है।
कांग्रेस की सक्रियता
यह प्रश्न किए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस बात पर नाराजगी जताई थी कि पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे पर उतनी बात नहीं की, जितनी करनी चाहिए थी। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन सहित पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने उस वक्त भी मल्लिकार्जुन खरगे का साथ दिया था। यह सिर्फ मल्लिकार्जुन खरगे का मुद्दा नहीं है। यह देश के हर गरीब और हर दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है。


