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राष्ट्रवाद, सैनिकों का बलिदान भी किसानों की मौत जितना अहम चुनावी मुद्दा: PM मोदी

pm narendra modi addresses public meeting at secunderabad  telangana   bjp twitter april 1  2019

चुनावी जीत के लिए अपने भाषणों में सेना के नाम का उपयोग करने के आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रवाद और सैनिकों का बलिदान भी उतने ही महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे हैं जितना किसानों की मौत। दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि देश पिछले 40 साल से आतंकवाद से जूझ रहा है।

कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना ''न्याय" पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि इस घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने यह मान लिया है कि पिछले 60 साल में उसने देश के लोगों के साथ 'महान अन्याय किया है। उन्होंने कहा, ''यदि हम लोगों को नहीं बताएंगे कि इस पर (आतंकवाद पर) हमारे विचार क्या हैं तो फिर इसमें क्या तर्क रह जाएगा। क्या कोई देश बिना राष्ट्रवाद की भावना के आगे बढ़ सकता है?"

मोदी ने कहा, ''एक ऐसे देश में जहां हजारों की संख्या में इसके सैनिकों ने बलिदान दिया हो, क्या यह चुनावी मुद्दा नहीं होना चाहिए? जब किसान की मौत होती है तो वह चुनावी मुद्दा बन जाता है लेकिन जब एक सैनिक शहीद होता है तो वह चुनावी मुद्दा नहीं बन सकता? यह कैसे हो सकता है?"

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पिछले हफ्ते मोदी ने एक चुनावी सभा में पहली बार मताधिकार का उपयोग करने वाले मतदाताओं से प्रश्न किया था कि क्या वह अपना पहला मत पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए हवाई हमले को समर्पित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से उनका वोट पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को समर्पित करने का भी अनुरोध किया था। उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चुनाव में जीत के लिए सुरक्षा बलों के नाम का उपयोग कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने इस बात का संज्ञान लिया है और वह मोदी के भाषण की समीक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह बयान महाराष्ट्र के लातूर में दिया था। वहां के चुनाव अधिकारियों ने चुनाव आयोग को सूचित किया है कि प्रथम दृष्टया यह आयोग के आदेश का उल्लंघन लगता है। आयोग ने पार्टियों से चुनाव में सैन्य बलों के नाम का उपयोग करने पर रोक लगायी है।

मोदी ने अपने साक्षात्कार में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अपने पिता (राजीव गांधी और बोफोर्स मामला) के पाप धोने के लिए बार-बार राफेल मुद्दे को उछाल रहे हैं। उन्होंने कहा, ''वह अपने पिता के पापों को धोने के लिए राफेल को मुद्दा बना रहे हैं। पिछले छह महीने से बिना किसी सबूत के वह इसे मुद्दा बनाए हुए हैं।"

मोदी ने कहा कि पिछले पांच साल में उनकी सरकार ने लोगों की आधारभूत जरूरतों के उन मुद्दों पर काम किया है जिन्हें आजादी के बाद शुरुआती 10 से 20 साल में पूरा कर लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के खिलाफ उनकी टिप्पणियां असल में वंशवादी राजनीति के खिलाफ हैं और उनका प्रतिरोध मुद्दों पर आधारित है ना कि व्यक्ति विशेष पर। वंशवादी राजनीति लोकतंत्र के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए सवाल किया, ''क्या वह सच में न्याय देंगे?"

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  • Web Title:PM Narendra Modi says Nationalism martyrdom of soldiers as much a poll issue as farmer deaths in Interview With Doordarshan