अमित शाह ने बोडो शांति समझौते को बताया पूर्वोत्तर में उग्रवाद के अंत की शुरुआत, कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बोडोलैंड टेरीटोरियल रीजन (बीटीआर) संधि को पूर्वोत्तर में उग्रवाद के अंत की शुरुआत बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा बोडो समझौतों...

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बोडोलैंड टेरीटोरियल रीजन (बीटीआर) संधि को पूर्वोत्तर में उग्रवाद के अंत की शुरुआत बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा बोडो समझौतों को लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। वे असम के कोकराझार में आयोजित एक रैली में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, "आज से ठीक एक साल पहले देश के प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बोडो शांति समझौता हुआ और बोडो शांति समझौते के साथ प्रधानमंत्री जी ने संदेश दिया कि उत्तर पूर्व में जहां-जहां अशांति है, वहां बातचीत कीजिए और शांति का मार्ग प्रशस्त कीजिए।"
इस मौके पर शाह ने कांग्रेस को भी घेरा और कहा कि कांग्रेस ने भी उग्रवादियों के साथ कई समझौते किए, लेकिन किसी का सम्मान नहीं हुआ... जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा बोडो समझौते के प्रावधानों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रैली के दौरान गृह मंत्री ने कहा, "असम के सभी समुदायों के राजनीतिक अधिकार, संस्कृति और भाषा भाजपा सरकार में सुरक्षित हैं।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिर्फ भाजपा ही असम को भ्रष्टाचार, आतंकवाद और प्रदूषण मुक्त बना सकती है। इस दौरान शाह ने बोडो क्षेत्र में सड़क नेटवर्क के लिए 500 करोड़ रुपए की मंजूरी की घोषणा की और कहा कि इस कदम से क्षेत्र में विकास का रास्ता खुलेगा।
कोकराझार रैली में अमित शाह के भाषण के मुख्य अंश
1. मुझे कहते हुए आनंद है कि मोदी जी की अगुवाई में जो BTR क्षेत्र का शांति समझौता हुआ, उसको एक साल आज पूरा हुआ है। आपका चुनाव भी समाप्त हो गया है और शांति के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
2. वर्षों से चली आई समस्या ने 5,000 से ज्यादा लोगों की जान ली, वो मोदी जी के दृढ़ निश्चय, मार्गदर्शन और हमारे प्रमोद जी के इनिशिएटिव के कारण आज ये समस्या शांत हो गई है और आने वाले अनेक वर्षों तक हमारा बोडो क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे चल पड़ेगा।
3. बोडो शांति समझौते के बाद ब्रू-रियांग समझौते का प्रयास किया गया। 8 अलग-अलग हत्यारे ग्रुपों ने हथियार डालकर शांति का रास्ता चुना। ये सारी प्रक्रिया विकास के रास्ते में हमें ले जाने वाली है।
4. जो कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकाल में शांति, विकास नहीं ला सकी, वो आज हमें सलाह दे रहे हैं। इसने वर्षों तक असम रक्त-रंजित रहा, बोडो क्षेत्र रक्त-रंजित रहा, क्या किया आपने? जो भी किया भाजपा सरकार ने किया।
5. आत्मसमर्थन करने वाले सभी शरणार्थियों को 4 लाख रुपये की जो आर्थिक सहायता देनी थी उसकी भी आज चेक के माध्यम से आपके सामने देने की शुरुआत भाजपा सरकार ने की है। बोडो भाषा को सम्मान देने का हमने वादा किया था। असम सरकार ने असम की सह राज्य भाषा का दर्जा बोडो भाषा को देकर आज वर्षों पुरानी मांग समाप्त कर दिया है।
6. कांग्रेस पार्टी वर्षों तक असम को रक्त रंजित करती रही। अलग-अलग आंदोलन कराती रही। पिछले 5 साल में असम में जो विकास हुआ है, वो पिछले 70 साल में नहीं हुआ। असमी-गैरअसमी, बोडो-गैर बोडो करने वालों को पहचानिए। ये लोग ऐसी बाते राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कर रहे हैं।
7. भ्रष्टाचार मुक्त, घुसपैठिये मुक्त, आतंकवाद से मुक्त और प्रदूषण से मुक्त असम अगर बनाना है तो मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ही बना सकती है। आने वाले चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ असम में NDA की सरकार बनाइए और बोडो लैंड के विकास को सुनिश्चित करिए।


