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3 नवंबर, 2020|7:43|IST

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यूं ही मल्लापुरम में नहीं हो रही पीएम मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात, हजारों साल पुराना है रिश्ता

pm modi to meet xi jinping in mallapuram  file pic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पिछले कुछ वर्षों में जिन स्थानों पर द्विपक्षीय मुलाकात हुई हैं,  वे प्रसिद्ध सांस्कृतिक स्थल रहे हैं और जिनका चीन और भारत के बीच हजारों साल पुराना जुड़ाव रहा है। दोनों नेता इस बार 11 अक्तूबर को तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मामल्लपुरम यानी महाबलीपुरम में मिल रहे हैं। 

मामल्लपुरम को नरसिंह देव ने बसाया 
तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी स्थित महाबलीपुरम की स्थापना पल्लव राजा नरसिंह देव वर्मन ने की थी। नरसिंह देव को मामल्ल भी कहा जाता था, इसलिए शहर को मामल्लपुरम भी कहा जाता है।  मामल्लपुरम में पांच रथों और अर्जुन की तपस्या स्थल और प्राचीन गुफाओं के लिए भी जाना जाता है।

ह्ववेनसांग ने की थी यात्रा
मामल्लपुरम और चीन के प्रांत फुजियान के बीच हजारों साल पुराने व्यापारिक संबंध रहे हैं। 7वीं सदी में कांचीपुरम प्रवास के दौरान चीनी यात्री ह्ववेन सांग ने मामल्लपुरम का भी दौरा किया था। चीन में सोंग वंश के सिक्कों और बर्तनों से इसके सबूत भी मिले हैं। जिनपिंग कभी फुजियान के गवर्नर भी रहे हैं। 

सातवीं सदी में चीन संग व्यापार
यह शहर 7वीं सदी में पल्लवों के शासन के दौरान महत्वपूर्ण बंदरगाह था। बोधिधर्मा जिन्होंने चीन में बौद्ध धर्म का प्रसार किया था। वे भी इसी शहर से यात्रा शुरू कर चीन के गुआंगदोंग प्रांत पहुंचे थे। 

झाऊ एन लाई भी यहां आए
दिसंबर 1956 में चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति झाऊ एन लाई कलपंथनमंडलम गांव आए थे, जो महाबलीपुरम से कुछ किलोमीटर दूर ही है, जहां उन्होंने प्रसव केंद्र का उद्घाटन किया था। 

सांस्कृतिक स्थलों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश---
वुहान : 27 अप्रैल 2018

मोदी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक बैठक के लिए चीन के सांस्कृतिक शहर वुहान पहुंचे। डोकलाम मुद्दे पर तनाव के बीच माओ जेदोंग के आवास के अलावा हुबेई प्रोवेंसियल म्यूजियम का भी उन्होंने दौरा किया। 3500 साल पुराने शहर वुहान में कभी किंग वंश का शासन रहा। 

अहमदाबाद: 17 सितंबर 2014 
मोदी ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की अहमदाबाद में अगवानी की। दोनों ने करीब छह घंटे साथ बिताए। जिनपिंग ने साबरमती आश्रम का दौरा किया और चरखा भी काता। साबरमती रिवर फ्रंट की यात्रा के साथ दोनों ने गरबा का भी आनंद लिया।  

014 में राष्ट्रपति बनने के बाद जिनपिंग की तीसरी भारत यात्रा
1984 में मामल्लपुरम विश्व सांस्कृतिक धरोहर घोषित हुआ

अभी पर्यटन बेहद कम------
2.4 लाख चीनी यात्री आए भारत पिछले साल
14 लाख भारतीयों ने की इसके बदले चीन की यात्रा
मैंडरिन भाषा के जानकारों की कमी बड़ी वजह 
कड़े नियमों से बहुत से मैंडरिन भाषियों को लाइसेंस नहीं

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  • Web Title:PM Modi-Xi Jinping meeting in Mallapuram has thousands years of relations