अधूरी केवाईसी के चलते जिले 29 हजार किसान, सम्मान निधि से वंचित
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त बहुत से किसानों के खातों में पहुंच गई है, लेकिन लगभग 29 हजार किसानों को यह लाभ नहीं मिला। मुख्य कारण बैंक खाते का आधार से लिंक न होना और ई-केवाईसी अधूरी रहना है। अधिकारियों ने किसानों से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की अपील की है।

शामली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जिले के अधिकांश पात्र किसानों के खातों में पहुंच गई है, लेकिन हजारों किसानों को इस बार भी योजना का लाभ नहीं मिल सका। कृषि विभाग के अनुसार बैंक खाते आधार से लिंक न होने और ई-केवाईसी अधूरी रहने के कारण करीब 29 हजार किसान किस्त की राशि से वंचित रह गए हैं। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 1 लाख 43 हजार 168 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 1 लाख 5 हजार 205 किसानों के खातों में 23वीं किस्त के रूप में करीब 21 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
योजना की राशि मिलने से किसानों में खुशी का माहौल है।विभागीय आंकड़ों के अनुसार शेष 37 हजार 963 किसानों को किस्त का लाभ नहीं मिल सका। इनमें करीब नौ हजार किसान मृतक पाए गए हैं, जबकि 28 हजार 963 किसानों के खाते तकनीकी और दस्तावेजी खामियों के कारण भुगतान प्रक्रिया से बाहर हो गए। कृषि विभाग का कहना है कि अधिकांश मामलों में बैंक खाते आधार से सीड नहीं हैं या किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आधार सीडिंग और ई-केवाईसी अनिवार्य है। इन प्रक्रियाओं के अधूरे रहने पर किस्त की राशि जारी नहीं की जा सकती। विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने का प्रयास कर रहा है। उपकृषि प्रमोद कुमार ने वंचित किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खाते आधार से लिंक कराएं और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद सत्यापन कराया जाएगा, जिसके उपरांत आगामी किस्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।


