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प्रधानमंत्री ने संसद में सुचारू कामकाज के लिये विपक्ष से सहयोग की अपील की

PM Modi on Winter Session of Parliament (File Pic)

संसद के मंगलवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनहित में संसद में सुचारू रूप से कामकाज चलाने के लिए सरकार और विपक्ष के एक दूसरे से सहयोग करने की अपील की है । सरकार ने विपक्षी दलों को भरोसा दिलाया कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने को इच्छुक है । 

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने यह बात कही।

संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) विपक्ष को भरोसा दिलाया है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने को इच्छुक है। समझा जाता है कि सरकार ने यह सुझाव भी दिया है कि दोनों सदन अहम विधायी कार्य करने और महत्पपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए देर तक कामकाज कर सकते हैं। 

प्रधानमंत्री का मानना है कि सरकार और विपक्ष, दोनों को ही संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग करना होगा क्योंकि यह जनहित में है। मोदी ने विभिन्न पार्टियों के नेताओं से यह भी कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने को इच्छुक है। 

प्रधानमंत्री ने कहा, ''हम सभी का यह मुख्य कर्तव्य है कि राष्ट्र की सेवा एवं जनता के कल्याण के कार्यो में योगदान के लिये हम सभी को संसद का सुचारू कामकाज सुनिश्चित करना चाहिए।'' सूत्रों ने बताया कि बैठक में सभी दलों में संसद का कामकाज बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से चलाने और किसी तरह के गतिरोध को रचनात्मक चर्चा के जरिये सुलझाने पर सहमति जतायी गई । 

संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा । सत्र के दौरान 20 बैठकें होंगी। सरकार सत्र के दौरान अनुपूरक अनुदानों की मांग पेश करेगी, जिसके जरिए वह और अधिक खर्च के लिए संसद की मंजूरी लेगी। 

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के मुताबिक विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि शीतकालीन सत्र में राफेल विमान सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग और भारतीय रिजर्व बैंक की स्वायत्तता तथा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग सहित कई अन्य मुद्दे उठाए जाएंगे।

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विपक्षी दल किसान एवं कृषि क्षेत्र, अर्थव्यवस्था की स्थिति सहित अनेक समसामयिक मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा । 

भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लेकर नहीं आती है तो वह मंगलवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद नहीं चलने देगी।

शिवसेना के सांसद चंद्रकांत खैरे ने कहा कि उन्होंने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ये बात कही। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले विपक्षी एकजुटता और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करने के मकसद से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की यहां सोमवार को बैठक हुई।

2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ मोर्चा बनाने के लिए विपक्षी नेताओं की बैठक में बसपा और सपा ने भाग नहीं लिया।

संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के दौरान सरकार तीन तलाक, उपभोक्ता संरक्षण, चिट फंड, डीएनए, गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम जैसे विधेयकों सहित करीब तीन दर्जन विधेयक पारित कराना चाहती है । इनमें 20 विधेयक नये हैं जबकि शेष, सदन में पहले ही पेश किये जा चुके विधेयक हैं । 

लोकसभा में 16 विधेयक लंबित हैं जबकि राज्यसभा में सात विधेयक लंबित हैं । सरकार इन्हें सत्र के दौरान परित कराना चाहती है । 

संसद का शीतकालीन सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब पांच राज्यों ... मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं । इनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के लिये महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं । समझा जाता है कि संसद सत्र पर चुनाव परिणाम का प्रभाव देखने को मिल सकता है । 

सत्र के दौरान लोकसभा में पेश होने वाले नये विधेयकों में तीन तलाक संबंधी विधेयक, कंपनी संशोधन विधेयक, भारतीय चिकित्सा परिषद संशोधन विधेयक, भारतीय औषधि प्रणाली के लिये राष्ट्रीय आयोग संबंधी विधेयक, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, राष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा आयोग विधेयक, राष्ट्रीय विमान संशोधन विधेयक, जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन विधेयक, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन विधेयक, गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन विधेयक, बांध सुरक्षा विधेयक, एनसीईआरटी विधेयक आदि शामिल हैं ।

इसके अलावा सार्वजनिक परिसर अनधिकृत कब्जा हटाने संबंधी विधेयक, दंत चिकित्सक संशोधन विधेयक, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय पंचाट केंद्र विधेयक, भारतीय हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकार संशोधन विधेयक, किशोर वय :बाल देखरेख एवं संरक्षण: संशोधन विधेयक, डीएनए प्रौद्योगिकी :उपभोक्ता एवं व्यवहार: नियामक विधेयक, मानवाधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक, ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण विधेयक, किराये की कोख संबंधी नियामक विधेयक, चिटफंड संशोधन विधेयक, बिना नियमन की जमा योजना को प्रतिबंधित करने संबंधी विधेयक आदि शामिल है । 

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई ।

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  • Web Title:PM appeals for cooperation with opposition for smooth functioning of Parliament during Winter Session