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कांग्रेस के 'गढ़' में फिर पताका फहराने का प्लान, अमित शाह ने दे दिया जीत का मंत्र

अमित शाह इस समय कर्नाटक दौरे पर हैं। मैसूर में पार्टी नेताओं के साथ बैठक में उन्होंने सभी 28 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।

कांग्रेस के 'गढ़' में फिर पताका फहराने का प्लान, अमित शाह ने दे दिया जीत का मंत्र
Ankit Ojhaपीटीआई,बेंगलुरुMon, 12 Feb 2024 12:10 AM
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कांग्रेस शासित कर्नाटक में भाजपा बड़ी जीत का प्लान तैयार कर रही है। कर्नाटक में भाजपा के चीफ बीवाई विजयेंद्र ने बताया कि रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के नेताओं की बैठक बुलाई थी और इस बैठक में सभी 28 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य में भाजपा और जेडीएस का गठबंधन सभी सीटों पर जीत के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि  लोकसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाया जाएगा। 

अमित शाह की बैठक के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मैसूर क्लस्टर के नेता इस चर्चा में शामिल हुए थे। हालांकि आज भाजपा और जेडीएस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बता दें कि मैसूर क्लस्टर में मैसूर, मंड्या, हासन और चामराजनगर लोकसभा सीटें हैं। वहीं सीट शेयरिंग को लेकर फार्मुला दिल्ली में तय किया जाएगा। विजयेंद्र ने कहा कि अमित शाह का कर्नाटक दौरा सफल रहा। राज्य में एनडीए सभी 28 सीटें जीतने जा रही है। हम प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को वोट में बदलने का प्रयास करेंगे। उम्मीद है कि हर बूथ पर हमारे 10 फीसदी वोट बढ़ जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बैठक में शमिल हर नेता को भरोसा है कि अमित शाह द्वारा बताया गया चुनावी मंत्र काम करेगा। बूथ लेवल पर इस प्लान को लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता भी आश्वासन देते हैं कि सभी मिलकर काम करेंगे। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 28 में से 26 लोकसभा सीटें जीत ली थीं। तब जेडीएस ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। ्


केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां चामुंडी हिल्स पहुंचे और मैसूरु की अधिष्ठात्री देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शाह ने पुजारियों द्वारा संस्कृत श्लोकों के उच्चारण के बीच चामुंडेश्वरी की पूजा करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की, जिन्हें नाद देवता (राज्य देवता) भी माना जाता है।  गृहमंत्री शाह के दौरे के लिए मंदिर के आसपास और शहर से मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
    
अधिकारियों ने कहा कि 1,000 साल से अधिक पुराना यह मंदिर शुरू में एक छोटा मंदिर था और सदियां गुजरने के साथ ही इसका महत्व बढ़ गया और यह एक प्रमुख पूजा स्थल बन गया। उन्होंने कहा कि 1399 ईस्वी में मैसूरु महाराजाओं, वोडेयार के सत्ता में आने के बाद इसका महत्व बढ़ गया क्योंकि वे चामुंडेश्वरी के बड़े भक्त और उपासक थे। 
    
रविवार तड़के इस शहर में पहुंचे शाह ने दिन की शुरुआत में सुत्तुरु जातरा (मेला) में भाग लेने के लिए यहां के निकट सुत्तुरु का दौरा किया। बाद में दिन में, उनका प्रदेश भाजपा कोर समिति के सदस्यों और मैसूरु के पार्टी नेताओं के साथ बैठकों में भाग लेने का कार्यक्रम है। इस साल होने वाले संसदीय चुनावों से पहले ये बैठकें महत्व रखती हैं।( भाषा से इनपुट्स के साथ)

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