दावा::कैंसर के खतरों को बढ़ाता है लगातार आधे घंटे से अधिक बैठना
बीच में हल्की शारीरिक गतिविधि करने से खतरा कम स्कॉटलैंड, एजेंसी। हर दिन

बीच में हल्की शारीरिक गतिविधि करने से खतरा कम
स्कॉटलैंड, एजेंसी। हर दिन लगातार आधे घंटे से अधिक देर तक बैठना कैंसर के खतरों को बढ़ाता है। यूके की ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है।
अध्ययन के परिणाम
शोधकर्ताओं ने कहा कि नतीजों से पता चलता है कि लगातार बिना किसी एक्टिविटी के रहने पर हर अतिरिक्त घंटे के साथ यह खतरा और बढ़ जाता है। हर एक घंटे की लगातार निष्क्रियता कैंसर से मौत के जोखिम को 10% तक बढ़ा देती है। हालांकि, बीच-बीच में थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी करने से खतरा कम हो सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि हर आधे घंटे में उठना, भले ही ऑफिस में थोड़ी देर टहलना ही क्यों न हो, आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है。
ऐसे किया गया अध्ययन
ग्लासगो यूनिवर्सिटी के डॉ. फ्रेडरिक हो और उनकी टीम ने 91,000 से अधिक लोगों पर करीब 12 सालों तक नजर रखी। इन लोगों को ट्रैक करने के लिए वियरेबल डिवाइसेज (जैसे स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड) का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने पाया को जो लोग लगातार 30 मिनट से अधिक देर तक बैठे रहे उनमें कैंसर की समस्याएं सामने आईं। यह रिपोर्ट 'पीएलओएस मेडिसिन'जर्नल में छपी है।
कैंसर और बैठे रहने के बीच संबंध
वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह 'ऑब्जर्वेशनल' स्टडी है, इसलिए यह पूरी तरह से साबित नहीं करता कि कैंसर सिर्फ बैठने से ही होता है, लेकिन दोनों के बीच गहरा संबंध जरूर है।
डॉक्टरों का कहना है कि अब तक स्वास्थ्य गाइडलाइंस सिर्फ जिम जाने या भारी एक्सरसाइज करने पर जोर देती थीं, लेकिन यह स्टडी बताती है कि ऑफिस में काम के बीच-बीच में सिर्फ सीट से उठकर थोड़ा घूम लेना भी आपकी जान बचा सकता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय तक बैठे रहने या लेटे रहने का संबंध दिल की बीमारियों और कुछ तरह के कैंसर के बढ़ते जोखिम से रहा है, लेकिन इस बारे में कम जानकारी है कि लंबे समय तक बैठे रहने का तरीका भी सेहत पर असर डालता है।
आईसीएमआर ने भी जताई है चिंता
आईसीएमआर और नेशनल सेंटर फॉर डिसीज इन्फर्मेटिक्स एंड रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर 9 में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने का खतरा है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के शहरी इलाकों में गतिहीन जीवनशैली( यानी लंबे समय तक बैठकर काम करना और फिजिकल एक्टिविटी न होना) कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी की एक मुख्य वजह बन रही है।
लंबे समय तक बैठने की आदत से आंत का कैंसर और गर्भाशय के कैंसर का खतरा काफी बढ़ा रही है। भारत में लगभग 70% कैंसर के मामले रोके जा सकते हैं क्योंकि वे सीधे तौर पर तंबाकू, खराब खान-पान, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता से जुड़े हैं।
ये सलाह दी गई
-अगर आप रोज के एक घंटे के लगातार बैठने को कपड़ों पर प्रेस करने या बर्तन धोने जैसी हल्की एक्टिविटी से बदल दें, तो कैंसर से मौत का खतरा 12% कम हो जाता है।
-अगर 30 मिनट रोज सामान्य वॉक करें तो खतरा 8% कम हो जाता है।
-सिर्फ 5 मिनट भारी या तेज एक्सरसाइज करने पर खतरा 22% तक कम हो सकता है।


