फार्मासिस्टों ने बांह में काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फार्मेसी संवर्ग की पांच मांगों पर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया और मांगों की शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी दी। वे चिकित्सक की अनुपस्थिति में दवा देने के लिए अधिकृत करने की मांग कर रहे हैं।

संतोष आर्यन, पिथौरागढ़। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने फार्मेसी संवर्ग की पांच सूत्रीय मांगों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने पर सरकार और शासन के खिलाफ आक्रोश जताया। फार्मासिस्टों ने बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। मंगलवार को जिलाध्यक्ष केएस अधिकारी ने बताया कि कई फार्मासिस्ट पूरे सेवाकाल में पदोन्नति के लाभ से वंचित रह जाते हैं। सरकार और शासन को जगाने के लिए आज से 15 सितंबर तक बांध में काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। फार्मासिस्टों ने चिकित्सक की अनुपस्थिति में ओडिशा और असम की तर्ज पर सूचीबद्ध रोगों के लिए फार्मेसी अधिकारियों को दवा देने के लिए अधिकृत करने सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
इस दौरान जिला मंत्री गिरीश चंद्र जोशी,संगठन मंत्री सुनील नाथ,कोषाध्यक्ष विनोद मखौलिया,मुख्य फार्मेसी अधिकारी पीएल वर्मा,प्रभारी अधिकारी फार्मेसी टीएस तोमर,दानी राम गंगोला,आशा आर्या,मुन्नी महर,प्रभा यादव,धीरा बृजवाल,एनएस रावत,मीरा,पी राज,मनोज पंत,संजय पंत,जितेंद्र अधिकारी,दीप पंत,जीवन खडायत,ललित बृजवाल,यूएस कोरंगा,हीरा सिंह भाकुनी,डीएस बोनाल, अहमद, देवेंद्र थापा सहित अन्य फार्मासिस्ट शामिल रहे।


