राज्य के विश्वविद्यालयों में दिसंबर से शुरू होगा पीजी का नया सत्र
एक्सक्लूसिव -लोकभवन से तैयार नये सिलेबस से होगी पढ़ाई -तीन वर्षीय स्नातक पूरा करने वाले

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू सहित राज्य के विश्वविद्यायलों में पीजी का नया सत्र दिसंबर से शुरू होगा। स्नातक के छठे सेमेस्टर के रिजल्ट के बाद पीजी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी। लोकभवन से तैयार सिलेबस के अनुसार पीजी में पढ़ाई होगी।
छात्रों के स्नातक सत्र
स्नातक सत्र 2023-27 के छात्रों का तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम छठे सेमेस्टर के बाद पूरा हो जाएगा। बीआरएबीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि नवंबर तक छठा सेमेस्टर पूरा हो जाएगा। उसके बाद पीजी सत्र 2026-28 में दाखिलों के लिए पोर्टल खुलने की उम्मीद है। बीआरएबीयू के अलावा ललित नारायण मिथिला विवि, जेपी विवि, टीएमबीयू में स्नातक का सत्र देर है। स्नातक सत्र देर होने के कारण पीजी का सत्र भी लगभग छह महीने देर रहेगा।
एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई
राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में वर्ष 2027 से एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए भी लोकभवन ने सिलेबस तैयार कर लिया है। लोकभवन की तरफ से जारी सिलेबस को सभी विश्वविद्यालयों के एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट से पास कर दिया गया। सीबीसीएस प्रणाली के तहत शुरू हुए स्नातक का पहला सत्र 2023-27 के खत्म होने के बाद एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू होगी। चार वर्षीय स्नातक करने वाले छात्रों को स्नातक विद रिसर्च की डिग्री दी जाएगी।
प्रकाश्नों की तिथि
पीजी का सत्र देर होने पर उसे नियमित करने के लिए बीआरएबीयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों में जल्दी परीक्षाएं ली जाएंगी। पीजी सत्र 2026-28 में दाखिला लेने वाले छात्रों को दो वर्ष की जगह डेढ़ वर्ष ही मिलेगा। डेढ़ वर्ष में ही उन्हें दो वर्ष की पीजी पढ़ाई करनी होगी। बीआरएबीयू के परीक्षा विभाग का कहना है कि सत्र नियमित करने के लिए उसने सारी योजनाएं तैयार कर ली हैं।
छठे सेमेस्टर की परीक्षा
बीआरएबीयू में स्नातक छठे सेमेस्टर की परीक्षा पांच सितंबर से होगी। परीक्षा विभाग ने सोमवार को परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया। परीक्षा दो पाली में होगी और 16 सितंबर तक चलेगी। परीक्षा शेड्यूल के साथ परीक्षा के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर 45 मिनट पहले पहुंचना होगा। प्रैक्टिकल की परीक्षा बाद में होगी। एडमिट कार्ड पर हर दिन पेपर कोड लिखना होगा। छठे सेमेस्टर की परीक्षा में लगभग 80 हजार छात्र शामिल होंगे。


