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डर के साए में रहना पड़ता था, CAA से मिली नागरिकता के बाद गदगद लोग; बताया कितना मुश्किल था जीना

सीएए के तहत 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किये गये। तीन पड़ोसी देशों के सताए हुए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने वाला सीएए दो महीने पहले लागू किया गया था।

डर के साए में रहना पड़ता था, CAA से मिली नागरिकता के बाद गदगद लोग; बताया कितना मुश्किल था जीना
Himanshu Tiwariभाषा,नई दिल्लीWed, 15 May 2024 11:15 PM
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पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत भाग कर आने वाले भरत कुमार का संघर्ष आखिरकर समाप्त हो गया। 11 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को भरत के अलावा 14 लोगों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान की गई। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने यहां आयोजित एक विशेष समारोह में 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। 

नागरिकता प्राप्त करने के कुछ मिनट बाद 24 वर्षीय भरत ने कहा, ''भारतीय होना एक शानदार अहसास है। इसने मुझे एक नया जीवन दिया है।'' भरत ने कहा कि उनका परिवार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आया था। उन्होंने जीवन के अपने शुरुआती वर्षों के बारे में कहा, ''जब हम यहां आए थे तब मैं सिर्फ 13 वर्ष का था। हमें पाकिस्तान छोड़ना पड़ा क्योंकि लगातार डर के साए में वहां रहना मुश्किल हो गया था।'' 

कुमार का परिवार दिल्ली में मजनू का टीला इलाके में रहता है और छोटा-मोटा काम करता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को उनके इलाके में कुल पांच लोगों को भारतीय नागरिकता मिली जबकि सौ से अधिक लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा, ''हमें बताया गया कि बाकी आवेदकों को भी उचित समय पर नागरिकता मिल जाएगी।'' भरत ने कहा कि भारतीय नागरिकता पाना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। 

मजनू का टीला में रहने वाली शीतल दास आजीविका के लिए मोबाइल फोन कवर बेचती हैं। उन्होंने कहा कि उनका 19 लोगों का परिवार 2013 में पाकिस्तान के सिंध से भागकर यहां आया था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में से तीन लोगों को नागरिकता मिल गई है। शीतल ने कहा, ''मैं बहुत खुश हूं। सरकार ने हमारी इच्छा पूरी की। अब मैं भारत में सम्मानजनक जीवन जी सकती हूं।'' 

पाकिस्तान के सिंध से आईं योशोदा ने भी भारतीय नागरिकता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि वह अब एक भारतीय के रूप में सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि भारत की नागरिकता मिलने से अब उनके परिवार और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने कहा, ''भारतीय नागरिकता पाने का मेरा लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। मैं वास्तव में बहुत खुश हूं।'' 

सीएए के तहत बुधवार को यहां 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किये गये। तीन पड़ोसी देशों के सताए हुए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने वाला सीएए दो महीने पहले लागू किया गया था। बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से प्रताड़ित हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए दिसंबर 2019 में सीएए अधिनियमित किया गया था। ये कानून 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आने वाले गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागकिता प्रदान करता है।