DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   देश  ›  सालभर से घरों में बंद लोग अब सीधे टीका लगवाने को बाहर निकलेंगे, ब्राजील में 265 दिन से आइसोलेशन में है एक युवती

देशसालभर से घरों में बंद लोग अब सीधे टीका लगवाने को बाहर निकलेंगे, ब्राजील में 265 दिन से आइसोलेशन में है एक युवती

हिन्दुस्तान ब्यूरो,नई दिल्ली।Published By: Himanshu Jha
Mon, 04 Jan 2021 08:07 AM
सालभर से घरों में बंद लोग अब सीधे टीका लगवाने को बाहर निकलेंगे, ब्राजील में 265 दिन से आइसोलेशन में है एक युवती

टीकाकरण की शुरूआत उन लोगों को घर की चौखट से बाहर निकलने का मौका देगी जो संक्रमण के डर से सालभर से घर में ही कैद हैं। ब्राजील के साओ-पाउलो स्टेट विश्वविद्यालय ने अपने सर्वे के आधार पर यह दावा किया है। सर्वे में पाया गया कि मार्च में संक्रमण फैलने के बाद से घर में खुद को आइसोलेट कर चुके लोग अब सीधे टीका लगवाने के लिए ही घर से बाहर निकलने का मन बना चुके हैं। गौरतलब है कि महामारी के कारण अमेरिका के बाद ब्राजील में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।

ब्राजील के राज्य चेयर की राजधानी फोर्टालेजा में ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है जिन्हें घर से बाहर निकले 200 से अधिक दिन हो चुके हैं। यहां रहने वाली 32 वर्षीय बार्बी फर्टाडो को घर में ही आइसोलेट रहते हुए 265 दिन हो चुके हैं। स्वस्थ होने के बावजूद उन्होंने बाहर न जाने का फैसला किया। उन्होंने स्थानीय मीडियो को जूम के माध्यम से दिए साक्षात्कार में बताया कि 18 मार्च से वह घर में ही हैं और तब तक अपना धैर्य नहीं खोएंगी, जब तक उनके टीका लगने की तारीख तय नहीं हो जाती। तब ही वह घर से बाहर निकलकर बाहर जाएंगी और कोविड-19 का टीका लगवाकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर लेंगी। ब्राजील में टीकाकरण शुरू होने में अभी वक्त है।

सस्ती डिलीवरी सेवाएं मददगार बनीं

शोधकर्ता अर्थशास्त्री गेसुइर पिगाट्टो कहना है कि फर्टाडो जैसे तमाम लोग अपने घरों में रहने हुए खरीदारी, दफ्तर के काम आदि कार्य इसलिए कर सके क्योंकि उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं। साथ ही ब्राजील के दूसरे क्षेत्रों के विपरीत इस शहर में डिलीवरी सेवाएं बहुत सस्ती हैं।

आठ फीसदी लोग लगातार आइसोलेशन में रहे

ब्राजील में अगस्त में महामारी के छह माह पूरे होने पर एक सर्वे हुआ, जिससे पता लगा कि यहां की आठ प्रतिशत आबादी मार्च के बाद से कभी घर से नहीं निकली। अक्तूबर के सर्वे से पता लगा कि उस वक्त जब देश में पहली लहर समाप्त हो रही थी तब यहां की एक फीसदी आबादी लगातार आइसोलेशन में बनी हुई थी। इसके बाद से लगातार यहां मौतों व रोजाना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ने लगा है, ये एक फीसदी लगातार आइसोलेशन में हैं और टीका लगवाने के लिए ही बाहर निकलेंगे।

संबंधित खबरें