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21 अक्तूबर, 2020|7:33|IST

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जासूसी मामले में पत्रकार राजीव शर्मा के 3 करीबी लोगों से पूछताछ, लॉकडाउन के दौरान एक के बैंक अकाउंट में मंगाई रकम

people close to rajiv questioned in espionage case money floated in bank account during lockdown

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के करीबी नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है।

सीमा पर भारतीय रक्षा तैयारियों की जानकारी चीन को देने का आरोपी राजीव सबसे ज्यादा इन तीनों के संपर्क में था। दरअसल उसने इन लोगों से ही ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं हासिल करने का प्रयास किया। हालांकि इनसे क्या कहकर सूचनाएं हासिल की गईं? क्या इन्हें बदले में रकम भी दी गई? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

उधर सूत्रों की मानें तो पूछताछ की कार्रवाई की जद में आने वाले इन तीनों में से एक एक पत्रकार भी शामिल है। हालांकि उसकी भूमिका क्या है, फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है। दरअसल अब तक की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपी पत्रकार रक्षा और विदेश मामलों की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों से अक्सर बातचीत करता रहता था, ताकि उनके जरिये भी उसे कुछ भनक मिल जाए, ताकि वह उसका भी इस्तेमाल चाइनीज खुफिया इकाई के लिए कर सके।

एक बन सकता है गवाह: मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल उस शख्स को गवाह बना सकती है, जो तफ्तीश में मदद कर रहा है और आरोपी से जुड़ी सूचनाएं मुहैया करा रहा है। जबकि इस मामले में दूसरे एक शख्स की गिरफ्तारी भी हो सकती है। दरअसल पुलिस को शक है कि इसने रकम लेने के बाद आरोपी राजीव को सूचना मुहैया कराई है। हालांकि अब तक की तफ्तीश में पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सुराग नहीं लगे, जिसके आधार पर वह गिरफ्तारी कर सके। इसलिए पुलिस साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।

 

सीडीआर से भी हो रही जांच: स्पेशल सेल ने जहां आरोपी पत्रकार की निशानदेही पर तीन संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, वहीं इनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाल कर करीबी लोगों की भूमिका जांच रही है। इसमें ज्यादातर वह लोग हैं, जिनसे राजीव की अक्सर फोन पर बात होती थी। इसमें छह लोग ऐसे हैं, जिनके नंबर पर आरोपी ज्यादा बात करता था। हालांकि इनकी अभी कोई भूमिका सामने नहीं आई है।

 

कैसे हुआ आरोपी का खुलासा: करीब डेढ़ महीने पहले देश की केंद्रीय खुफिया इकाई की तरफ से स्पेशल सेल को एक इनपुट मिला कि दिल्ली के पीतमपुरा के सेंट जेवियर अपार्टमेंट निवासी राजीव शर्मा नाम के शख्स के विदेशी खुफिया अधिकारी के साथ संबंध हैं। यह भी पता चला कि वह अवैध तरीके से हवाला सहित अन्य दूसरे माध्यमों से रकम प्राप्त कर रहा है। सूचना पर सेल की टीम ने गंभीरता से काम किया और फिर इस संबंध में सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धारा 3/4/5 के तहत 13 सितंबर को मामला दर्ज किया। इसके बाद राजीव शर्मा को 14 सितंबर को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया और सर्च वारंट के साथ घर की तलाशी ली।

संदिग्ध के लिए बना रहे शेल कंपनी: सूचनाएं हासिल करने से लेकर अन्य संदिग्ध कामों के लिए चीनी मूल के लोग यहां स्टूडेंट वीजा या फिर बिजनेस वीजा पर आकर शेल कंपनी बना रहे हैं, जिसका इस्तेमाल चीनी खुफिया इकाई संदिग्ध गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने में कर रही है। इस मामले की जांच में भी पुलिस ने यह खुलासा किया कि शेल कंपनी खोलकर उसके जरिये पत्रकार राजीव को रकम मुहैया कराई गई। इस आरोप में पुलिस ने चीनी मूल की महिला किंग शी और नेपाली मूल के शेर सिंह समेत दो और लोगों को गिरफ्तार भी किया।

ये जानकारी भी कराई मुहैया: स्पेशल सेल सूत्रों की मानें तो आरोपी पत्रकार ने सेना की तैनाती, भारत-म्यांमार सैन्य सहयोग का पैटर्न, भारत-चीन सीमा विवाद आदि मुद्दों पर चीनी खुफिया इकाइयों को सूचना मुहैया कराने का काम किया। जांच के दौरान उसने यह भी खुलासा किया कि उसे धन हस्तांतरित करने के लिए विदेशी कंपनियों द्वारा शेल कंपनियां संचालित की जा रही हैं। पुलिस अब शेल कंपनी बनाकर इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों के लिए रकम खर्च करने वालों पर नजर रख रही है। इस काम के लिए ईडी की भी मदद ली जा रही है।

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  • Web Title:people close to Rajiv questioned in espionage case money floated in bank account during lockdown