DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यहां पिछले 30 साल से मनाई जा रही है ग्रीन दिवाली

यहां पिछले 30 साल से मनाई जा रही है ग्रीन दिवाली

फरीदाबाद स्थित बल्लभगढ़ की भगत सिंह कॉलोनी में पर्वतीय बंधु समाज के लोग मिसाल पेश करते हुए पिछले तीस साल से बिना पटाखों के दिवाली मना रहे हैं

125 परिवार एक साथ जुटते हैं

यहां हर साल दिवाली पर भव्य समारोह होता है। समाज से जुड़े करीब 125 परिवार एक जगह जमा होते हैं। सब साथ मिलकर मिट्टी के दीये जलाते हैं। एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं। .

संगीत का होता है आयोजन : इस मौके पर पारंपरिक नृत्य और संगीत का आयोजन भी होता है, पर पटाखे नहीं जलाये जाते हैं। संस्था के प्रधान जीएस रावत ने बताया कि पर्वतीय बंधु समाज की स्थापना करीब चालीस साल पहले की गई थी। समाज के ज्यादातर लोग पहाड़ी इलाकों से आये थे। उनके अंदर शहरी आबोहवा को लेकर चिंता थी। लिहाजा उन्होंने स्वेच्छा से पटाखा फ्री दिवाली मनाने का फैसला किया ताकि पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न हो। 

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर गंभीर संकट बना हुआ है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखे जलाने के लिए सिर्फ दो घंटे का समय तय किया है। लेकिन देश में कई जगहों पर पहले से बिना पटाखों के ग्रीन दिवाली मनाने की परंपरा है। लोग स्वेच्छा से पहल कर रहे हैं। एक नजर फरीदाबाद-गुरुग्राम की प्रदूषण रहित दिवाली पर.

सिर्फ ग्रीन पटाखे बिकें ताकि पर्यावरण को कम नुकसान हो.

सिर्फ दो घंटे तक पटाखे फोडे जायेंगे। रात 8 से 10 बजे तक.

सामूहिक रूप से पटाखे जलाने की संभावना तलाशें राज्य.

गुरुग्राम सेक्टर-30 में स्थित यूनीटेक वर्ल्ड स्पा सोसाइटी में करीब 250 परिवार रहते हैं। सोसाइटी में रहने वाली और 'आई एम गुड़गांव' संस्था की कार्यकर्ता सुनीता बनर्जी कहती हैं कि पांच साल से ग्रीन दिवाली मनाई जाती है। यही देख दूसरी सोसाइटी में भी लोग जागरूक हुए। आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष तारिक रजा रजा के अनुसार डीएलएफ फेस-1 स्थित सोसाइटी में करीब 700 परिवार रहते हैं। चार साल पहले पटाखों के खिलाफ दीया दान मुहिम शुरू की थी। असर यह रहा पिछले साल किसी ने आतिशबाजी नहीं की।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:people are celebrating green diwali in ballabgarh from last 30 years